प्रवीण भारद्वाज,पानीपत। हरियाणा के टेक्सटाइल हब पानीपत और पड़ोसी जिले करनाल सहित कई क्षेत्रों में संगठित ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने खुद को रईस उद्यमी और बड़ा कारोबारी बताकर करीब 70 व्यापारियों से ₹40 करोड़ का माल उधार लिया और फरार हो गए। धोखाधड़ी का खुलासा तब हुआ जब व्यापारियों द्वारा बैंक में लगाए गए चेक बाउंस होने लगे।

इस मामले में पानीपत की तहसील कैंप थाना पुलिस ने चार नामजद आरोपियों और उनके गिरोह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(2)(b) (संगठित अपराध) और 318(4)(धोखाधड़ी) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ब्रांडेड कपड़े और लग्जरी गाड़ियों से जमाते थे धाक

मुख्य शिकायतकर्ता कृष्णा नगर निवासी और गाबा टेक्सटाइल’ के मालिक प्रेम कुमार ने बताया कि 22 अप्रैल 2024 को चार युवक उनकी देशराज कॉलोनी स्थित फैक्ट्री में आए थे। आरोपियों के पास महंगी लग्जरी गाड़ियां थीं और उन्होंने कीमती ब्रांडेड कपड़े पहने हुए थे। उनकी बातचीत के लहजे और दिखावे को देखकर कोई भी उन्हें बड़ा व्यापारी समझ लेता। आरोपियों ने अपनी पहचान दीपक कपूर, प्रीत सिंह, राज रत्तन और राहुल कुमार के रूप में दी।

फर्जी फर्में बनाकर की ठगी

आरोपियों ने खुद को ओम ट्रेडर्स, नानक एंटरप्राइजेज, फर्निशिंग वाला और महादेव एंटरप्राइजेज जैसी फर्मों का मालिक बताया। विश्वास में लेकर उन्होंने बड़े पैमाने पर बेडशीट्स का ऑर्डर दिया और शुरुआती तौर पर ₹2,28,900 का माल तय किया। जब व्यापारियों ने माल की सप्लाई की और पेमेंट के लिए चेक बैंक में लगाया, तो वह बाउंस हो गया। दोबारा संपर्क करने पर भी चेक बाउंस हुआ, जिससे व्यापारियों का माथा ठनका।

हथियारबंद बदमाशों से मिली धमकी

व्यापारियों का आरोप है कि जब वे अपनी पेमेंट लेने के लिए आरोपियों द्वारा बताए गए सेक्टर-25 स्थित फैक्ट्री नंबर-303 पर पहुंचे, तो वहां का नजारा डरावना था। वहां पहले से 4-5 हथियारबंद बदमाश तैनात थे। आरोपियों ने साफ तौर पर पैसे देने से मना कर दिया और व्यापारियों को जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया।

मोडस ऑपरेंडी: कम दाम में कैश बेचते थे माल

जांच में सामने आया कि यह एक सुव्यवस्थित गिरोह है जो पहले व्यापारियों का डेटा जुटाता है। गिरोह का तरीका (Modus Operandi) लग्जरी गाड़ियों और ब्रांडेड पहनावे से भरोसा जीतना। व्यापारियों से भारी मात्रा में कच्चा या तैयार माल उधार उठाना। उसी माल को बाजार में वास्तविक कीमत से काफी कम दाम पर नकद बेचकर पैसा बटोरना. पैसा इकट्ठा होते ही अपना ठिकाना बदल लेना।

पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

पीड़ित व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन पर ढीली कार्रवाई के आरोप लगाए हैं। व्यापारियों का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। उन्होंने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं लिया गया और उनकी रिकवरी नहीं हुई, तो वे बड़ा विरोध प्रदर्शन (स्टैंड) करेंगे।