पानीपत। हरियाणा के चर्चित IDFC बैंक घोटाले में बड़ी कार्रवाई हुई है। 590 करोड़ के फ्रॉड केस में पंचायत विभाग के सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद विभाग ने संविधान के अनुच्छेद 311(2)(b) का इस्तेमाल करते हुए यह कड़ा फैसला लिया।

थाईलैंड में रशियन लड़कियों के साथ अय्याशी

इस घोटाले की सबसे चौंकाने वाली तस्वीर थाईलैंड से आई थी। एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) को आरोपियों के मोबाइल से एक 3 मिनट का वीडियो मिला है। इस वीडियो में मास्टरमाइंड बैंक मैनेजर रिभव ऋषि के साथ बर्खास्त सुपरिंटेंडेंट नरेश कुमार समंदर के बीचों-बीच यॉट पर रशियन लड़कियों के साथ प्राइवेट पार्टी करते दिख रहे हैं। वीडियो में अफसर रशियन लड़की के हाथ से फल खाते और बाल संवारते हुए नजर आ रहा है।

घोटाले की मलाई: बेटी के खाते में भी पहुंचा पैसा

जांच में खुलासा हुआ कि नरेश कुमार सिर्फ अफसर नहीं, बल्कि बैंक मैनेजर और प्राइवेट कंपनियों के बीच ‘ब्रोकर’ का काम कर रहा था। अय्याशी के साथ-साथ उसने जमकर रिश्वत भी बटोरी.

फॉर्च्यूनर का शौक

आरोपियों की लग्जरी लाइफ देखकर नरेश ने 25 लाख रुपए लेकर नई फॉर्च्यूनर गाड़ी खरीदी। स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट कंपनी से अलग-अलग किस्तों में करीब 1.35 करोड़ रुपए डकारे। भ्रष्टाचार की कमाई से करीब 10 लाख रुपए अपनी बेटी के बैंक अकाउंट में भी ट्रांसफर करवाए।

चरखी दादरी से मोहाली तक फैला जाल

मूल रूप से चरखी दादरी का रहने वाला नरेश कुमार मोहाली की पॉश ‘एयरो सिटी’ में छिपकर रह रहा था, जहां से ACB ने उसे दबोचा था। सरकारी फंड को ठिकाने लगाने के बदले अफसरों को विदेश में रशियन लड़कियों और यॉट पार्टियों का लालच दिया जाता था। फिलहाल इस मामले में कई और बड़े नामों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है।