दिल्ली विधानसभा ने कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल को आठवीं विधानसभा के “वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार” के लिए चयनित किया है। यह पुरस्कार विधानसभा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनप्रतिनिधियों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत दिया जाता है। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता (Vijender Gupta) ने कहा कि सर्वश्रेष्ठ विधायकों को सम्मानित करने की पुरानी परंपरा को फिर से शुरू करना उनकी प्राथमिकता रही है। उन्होंने इस पहल को लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने और विधायी कार्यों में उत्कृष्टता को प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। अध्यक्ष के अनुसार, ऐसे पुरस्कार विधायकों को अपने क्षेत्र में अधिक सक्रिय रहने और जनता की समस्याओं को बेहतर तरीके से सदन में उठाने के लिए प्रेरित करते हैं।

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य उन जनप्रतिनिधियों को पहचान देना है जो विधायी कार्यों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हैं और समितियों में अथक परिश्रम के साथ ईमानदारी व समर्पण का परिचय देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मान केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह पूरी विधायी व्यवस्था में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देगा। उनके अनुसार, ऐसे प्रयास शासन में जवाबदेही और पारदर्शिता को मजबूत करने में भी सहायक होंगे।

‘ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करते रहें’

जनसेवा के प्रति उनका अटूट समर्पण, सदन में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन और पारदर्शी व आधुनिक शासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता सच्चे नेतृत्व की पहचान है। विधानसभा अध्यक्ष ने आगे कहा कि जनप्रतिनिधियों का ऐसा योगदान लोकतांत्रिक व्यवस्था को और मजबूत बनाता है। उन्होंने यह भी शुभकामना दी कि डॉ. अनिल गोयल इसी जोश और ईमानदारी के साथ जनता की सेवा करते रहें और अपने कार्यों से अन्य विधायकों के लिए भी प्रेरणा बने रहें।

दिल्ली विधानसभा के आधिकारिक एक्स हैंडल पर कृष्णा नगर से विधायक डॉ. अनिल गोयल को “वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार” मिलने पर बधाई संदेश साझा किया गया है। पोस्ट में कहा गया कि आठवीं दिल्ली विधानसभा के इस सम्मान के लिए उनका चयन उनके उत्कृष्ट विधायी कार्यों का परिणाम है। संदेश में उनके सदन में किए गए कार्यों की सराहना करते हुए बताया गया कि उन्होंने प्रभावशाली बहस, बेहतर उपस्थिति, और समितियों में सक्रिय भागीदारी के जरिए महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विधानसभा की ओर से यह भी उल्लेख किया गया कि प्रश्नों और चर्चाओं के माध्यम से उन्होंने सदन की कार्यवाही को सार्थक बनाने में भूमिका निभाई है। साथ ही, सदन की मर्यादा बनाए रखने और डिजिटल शासन प्रणाली ‘नेवा’ (NeVA) को अपनाने के प्रति उनके प्रयासों को भी सराहा गया।

कैसे चुन गए अनिल गोयल?

दिल्ली विधानसभा ने इस बार “वार्षिक सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार” के लिए चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के लिए 360-डिग्री मूल्यांकन प्रणाली अपनाई। इस प्रणाली के तहत विधायकों के प्रदर्शन का मूल्यांकन कुल 100 अंकों के आधार पर किया गया, जिसमें दो प्रमुख घटक शामिल थे। पहला हिस्सा विधायी रिकॉर्ड (65 अंक) था, जिसके तहत आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर विधायकों की सदन में उपस्थिति, बहस में भागीदारी, प्रश्न पूछने की सक्रियता और विधायी प्रस्ताव/नोटिस प्रस्तुत करने जैसे मानकों को परखा गया। दूसरा हिस्सा चयन समिति का मूल्यांकन (35 अंक) था, जिसमें समिति ने विधायकों के समग्र और गुणात्मक प्रदर्शन का आकलन किया। इसमें उनके योगदान की प्रभावशीलता और कार्यशैली को ध्यान में रखा गया।

बीते साल दर्ज की थी शानदार जीत

कृष्णा नगर विधानसभा सीट से जुड़ी चुनावी जानकारी के अनुसार, डॉ. अनिल गोयल ने फरवरी 2025 में हुए विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी (Aam Aadmi Party) के उम्मीदवार विकास बग्गा को 19,498 वोटों के अंतर से हराया था। इस चुनाव में कांग्रेस (Indian National Congress) की ओर से गुरुतरण सिंह राजू को उम्मीदवार बनाया गया था। हालांकि मुकाबले में मुख्य टक्कर AAP और बीजेपी समर्थित उम्मीदवार के बीच ही मानी गई, जिसमें अंततः अनिल गोयल ने बड़ी बढ़त के साथ जीत दर्ज की।

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