नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच राजनीतिक तनातनी एक बार फिर तेज हो गई है। हाल ही में AAP से जुड़े कुछ राज्यसभा सांसदों के बीजेपी में शामिल होने के दावों के बीच बीजेपी नेताओं ने पार्टी संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर तीखा हमला बोला है। दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा ने केजरीवाल पर निशाना साधते हुए उनके नए सरकारी आवास को लेकर विवाद खड़ा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने एक और “शीशमहल” बना लिया है और उन्हें “दिल्ली का रहमान डकैत” तक कह दिया।
दरअसल, केजरीवाल हाल ही में लोधी एस्टेट स्थित सरकारी बंगले में शिफ्ट हुए हैं, जिसे लेकर बीजेपी ने सवाल उठाए हैं।बीजेपी नेताओं का कहना है कि यह नया आवास “शीशमहल 2” की तरह है, जबकि AAP की ओर से इस पर अभी तक कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इसी क्रम में प्रवेश वर्मा ने पंजाब की राजनीति को लेकर भी बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पार्टी के भीतर असहज महसूस कर रहे हैं और उन पर दबाव बढ़ रहा है।इस बीच, AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा समेत कुछ नेताओं के बीजेपी में शामिल होने की चर्चाओं ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रवेश वर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि उन्हें यह नहीं पता कि अरविंद केजरीवाल ने भगवंत मान का कौन सा वीडियो बनाया है, लेकिन मान के व्यवहार से ऐसा लगता है कि वे किसी दबाव में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भगवंत मान शायद यह सोच रहे होंगे कि अरविंद केजरीवाल उन्हें कब छोड़ेंगे या फिर वह खुद कब उनसे अलग होंगे। वर्मा ने आगे दावा किया कि भगवंत मान को “घुटन” महसूस हो रही है, लेकिन वे किसी कारणवश पार्टी नहीं छोड़ पा रहे हैं। “वीडियो” का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि कोई ऐसा दबाव हो सकता है, जिसकी वजह से मान अपनी स्थिति बदल नहीं पा रहे हैं।
BJP ने दागे कई सवाल
वर्मा ने चुटकी लेते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी अब ‘अलीशान आदमी पार्टी’ बन गई है और इसके पीछे पार्टी नेतृत्व की प्राथमिकताएं जनता की अपेक्षाओं से भटक गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि लोधी रोड बंगले और नए शीश महल पर कितना पैसा खर्च किया गया, यह पैसा कहां से आया और किसका है। वर्मा ने आरोप लगाया कि केजरीवाल की लालच के कारण आम आदमी पार्टी के ईमानदार कार्यकर्ता पार्टी छोड़ रहे हैं। सांसद ने कहा, “बार-बार ऐसा शीश महल बनाने की क्या जरूरत है? इस महल के हर कमरे पर केजरीवाल ने इतना दिमाग लगाया, लेकिन अगर उतना ही समय दिल्ली के मामलों में लगाया होता तो शायद आज उनके कार्यकर्ता पार्टी नहीं छोड़ रहे होते। इस महल में किस कंपनी का पैसा लगा, यह भी जनता के सामने स्पष्ट होना चाहिए।”
दिल्ली वालों ने ‘रहमान डकैत‘ को हराया
वर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि केजरीवाल ने दिल्ली में कोविड की लहर के दौरान शीश महल का निर्माण जारी रखा, जबकि राजधानी के लोग दवाइयों की कमी और संक्रमण से जूझ रहे थे। उन्होंने कहा, “दिल्ली के लोग मर रहे थे, लेकिन केजरीवाल के आदेश के अनुसार शीश महल का काम एक दिन भी नहीं रुका।” सांसद ने भगवंत मान की स्थिति पर भी टिप्पणी की और कहा कि दिल्ली में भाजपा के मतदाताओं ने दिल्ली के ‘रहमान डकैत’ को हराने के बाद केजरीवाल पंजाब चले गए, जिससे मान की मुश्किलें और बढ़ गईं। वर्मा ने बताया कि भगवंत मान के घर के आसपास बने चार बड़े सरकारी मकानों में केजरीवाल, दिल्ली के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन, राज्यसभा सांसद संजय सिंह और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया रहते हैं।

