कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने गेहूं खरीद को लेकर विपक्ष के आरोपों पर जोरदार पलटवार किया है। जिस सिस्टम को विपक्ष लगातार फेल बता रहा था, मुख्यमंत्री ने उसी के रिकॉर्ड आंकड़े पेश कर विपक्ष को घेर लिया।

सीएम ने बताया कि इस साल गेहूं की बंपर आवक दर्ज हुई है और खरीद के मामले में पिछले चार साल का रिकॉर्ड टूट गया है। उन्होंने खुलासा किया कि 13 अप्रैल को एक ही दिन में 7.71 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया, जो अपने आप में बड़ी उपलब्धि है।

सरकार के आंकड़ों के मुताबिक अब तक 21,044 करोड़ रुपये मूल्य की 81.48 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदी जा चुकी है। इसमें से 79.14 लाख मीट्रिक टन का सत्यापन भी पूरा हो चुका है, जो कुल खरीद का 97 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि 5.80 लाख किसान अपनी फसल बेच चुके हैं और डिजिटल गेट पास के जरिए उनकी पहचान सुनिश्चित की गई है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।

विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जो नेता आज सवाल उठा रहे हैं, वे अपने समय में किसानों की बदहाली भूल गए हैं, लेकिन किसान सब याद रखते हैं। उन्होंने कहा कि पहले किसानों को फसल बेचने के लिए लंबी लाइनों में खड़ा होना पड़ता था और भुगतान के लिए महीनों चक्कर काटने पड़ते थे, जबकि आज सिस्टम पारदर्शी और जवाबदेह है।

सीएम ने विपक्ष को याद दिलाया कि पहले किसान औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर था, लेकिन अब वही विपक्ष झूठ और भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि जनता अब जागरूक है और ऐसे प्रोपगंडा ज्यादा दिन नहीं चलेगा।

मुख्यमंत्री ने हरियाणा के किसानों की तारीफ करते हुए कहा कि नई तकनीकों को अपनाने से बड़ा बदलाव आया है। जहां पहले गेहूं खरीद सीजन ढाई महीने चलता था, वहीं अब 15 से 20 दिनों में प्रक्रिया पूरी हो जाती है। उन्होंने इसे किसान के विश्वास, मेहनत और बदलाव की कहानी बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने दावा किया कि किसानों की स्थिति में यह सुधार डबल इंजन सरकार का परिणाम है। उन्होंने कहा कि 2014 में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य में बनी सरकार ने जो शुरुआत की थी, उसी का परिणाम आज दिखाई दे रहा है।