सिरसा। हरियाणा रोडवेज के सिरसा डिपो में भ्रष्टाचार और टिकट गबन के मामलों ने विभाग के भीतर हड़कंप मचा दिया है। रोडवेज सेवाएं बहाल होते ही चालक और परिचालकों द्वारा सरकारी राजस्व को चूना लगाने के प्रयास उजागर होने लगे हैं। डिपो की जीएम उड़नदस्ता टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज दो दिनों के भीतर गबन और अनियमितताओं के तीन अलग-अलग मामलों का भंडाफोड़ किया है। इन वारदातों ने विभाग की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं जिसके बाद महाप्रबंधक ने कड़ी कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।

चेकिंग में खुली पोल

जांच का पहला और सबसे गंभीर मामला 22 अप्रैल को कालांवाली-डबवाली रूट पर सामने आया जहां हस्सू गांव के समीप निरीक्षण के दौरान बस में 34 यात्री बिना टिकट पाए गए। यात्रियों ने टीम को बताया कि उनसे किराया तो वसूल लिया गया था लेकिन कंडक्टर ने टिकट जारी नहीं किया। जांच अधिकारी ने कंडक्टर जाकिर हुसैन के पास से निर्धारित राशि से अधिक नकद भी बरामद किया जिसके बाद जीएम कुलदीप जांगड़ा ने उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसी कड़ी में चंडीगढ़-सिरसा रूट की एक लीज बस के चालक को भी यात्रियों से पैसे लेकर अवैध रूप से सामान ढोने के आरोप में पकड़ा गया है जिसकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

दिल्ली-हिसार रूट पर भी मिली अनियमितता

भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे इस अभियान के दौरान 23 अप्रैल की रात दिल्ली से हिसार आ रही सिरसा डिपो की बस में भी गड़बड़ी मिली। बस कंडक्टर अंकित पर 700 रुपये लेकर अवैध तरीके से सामान लाने का आरोप लगा है और संतोषजनक जवाब न मिलने पर मामला यातायात शाखा को भेज दिया गया है।

विभाग ने तेज की निगरानी

जीएम सिरसा ने स्पष्ट किया है कि सरकारी खजाने के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा और सभी रूटों पर औचक निरीक्षण का सिलसिला जारी रहेगा। इन कार्रवाइयों ने विभाग के अन्य कर्मचारियों के बीच कड़ा संदेश दिया है कि अनुशासनहीनता और गबन पर अब सीधे निलंबन की गाज गिरेगी।