मिथलेश गुप्ता, जशपुर। जिले के पुलिस कप्तान डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरक्षकों पर कड़ा शिकंजा कसा है। लंबे समय तक बिना सूचना गैरहाजिर रहने, कर्तव्य के प्रति उदासीनता और स्वेच्छाचारिता बरतने के आरोप में विभागीय जांच के बाद तीन आरक्षकों को सेवा से पृथक (बर्खास्त) कर दिया है, जबकि दो अन्य आरक्षकों को गंभीर दंड दिया है।

पुलिस रेगुलेशन 221(अ) के तहत की गई इस कार्रवाई में आरक्षक संतोष कुमार राम, नेल्सन तिग्गा और अशोक कुमार एक्का को सेवा से पृथक किया गया है। वहीं आरक्षक इरीमियस कुजूर को एक वेतन वृद्धि के बराबर धनराशि की कमी संचयी प्रभाव से तथा आरक्षक बिंदेश्वर राम को एक वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान पर लाकर दंडित किया गया है, जिसका प्रभाव उनकी भविष्य की वेतन वृद्धि और पेंशन पर भी पड़ेगा।

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जांच में सामने आया कि बर्खास्त किए गए तीनों आरक्षक अपने सेवाकाल के दौरान कई बार लंबे समय तक अनाधिकृत रूप से गैरहाजिर रहे और पूर्व में भी अनेक बार दंडित किए जा चुके थे। इसके बावजूद उनके आचरण में सुधार नहीं आया। आरक्षक संतोष कुमार राम ने 13 वर्षों की सेवा में 33 बार कुल 469 दिन, नेल्सन तिग्गा ने 17 वर्षों की सेवा में 28 बार कुल 923 दिन तथा अशोक कुमार एक्का ने 20 वर्षों की सेवा में 30 बार कुल 1151 दिन तक बिना अनुमति गैरहाजिर रहकर विभागीय अनुशासन का उल्लंघन किया था।

एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता, उदासीनता और स्वेच्छाचारिता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस की छवि और कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने के लिए जवाबदेही और अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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