अहमदाबाद/खेड़ा: गुजरात के खेड़ा जिले की ठासरा तहसील में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। यहाँ राणिया छोटी शाखा नहर पर बना करीब 62 साल पुराना पुल अचानक नदी के कटाव और मिट्टी धंसने की वजह से ताश के पत्तों की तरह ढह गया। इस घटना से सरदारपुरा और चितलाव गांवों के बीच का सीधा संपर्क टूट गया है। गनीमत यह रही कि हादसा सुबह करीब 9 बजे हुआ और उस वक्त पुल पर कोई मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी जनहानि होने से बच गई।

जिला पंचायत के R&B विभाग के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर बी.पी. हलपति के अनुसार, यह पुल सिंचाई विभाग का ढांचा था। नहर के तल में लगातार हुए कटाव के कारण पुल के पियर (खंभे) की नींव खुल गई और वह धंस गया, जिससे पूरा गर्डर नहर में जा गिरा।

वैकल्पिक रास्तों से आवागमन शुरू

राज्य सरकार ने एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि पुल के अति-पुराना होने के कारण सतर्कता बरतते हुए भारी वाहनों की आवाजाही पहले ही बंद कर दी गई थी। कटाव को रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने तुरंत भारी मशीनरी मौके पर तैनात की है।

ग्रामीणों की आवाजाही बहाल करने के लिए प्रशासन ने दो वैकल्पिक मार्ग चिन्हित किए हैं:

पहला विकल्प: दुर्घटनास्थल से 1.4 किमी दूर ऊपरी क्षेत्र में स्थित नेस-राणिया गांव को जोड़ने वाला नया पुल।

दूसरा विकल्प: पुल से 2.5 किमी दूर मंजीपुरा को भगवानजीपुरा के मुवाड़ा गांव से जोड़ने वाला सड़क एवं भवन विभाग का मार्ग।

पिछले साल वडोदरा और आणंद को जोड़ने वाले गंभीरा ब्रिज हादसे के बाद से राज्य में पुराने ढांचों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे हैं। हालांकि, इस घटना में समय रहते उठाए गए एहतियाती कदमों और किस्मत के सहारे कोई हताहत नहीं हुआ। प्रशासन अब नए पुल के निर्माण और नहर की मरम्मत के काम में जुट गया है।

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