Vishvendra Singh Congress Notice: राजस्थान कांग्रेस में पूर्व मंत्री विश्वेंद्र सिंह और पार्टी नेतृत्व के बीच चल रहा विवाद अब अनुशासन समिति तक पहुंच गया है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी की अनुशासन समिति ने डीग-कुम्हेर के पूर्व विधायक विश्वेंद्र सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

पार्टी ने उनसे सात दिन में जवाब मांगा है और पूछा है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों व अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते उन्हें कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित क्यों नहीं किया जाए।

पार्टी कार्यक्रमों से दूरी पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

अनुशासन समिति के चेयरमैन और पूर्व कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना की ओर से जारी नोटिस में भरतपुर और डीग जिला कांग्रेस कमेटियों से मिली शिकायतों का हवाला दिया गया है। नोटिस में आरोप लगाया गया है कि विश्वेंद्र सिंह लंबे समय से पार्टी के कार्यक्रमों और महत्वपूर्ण बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं। जिला अध्यक्षों की ओर से संपर्क किए जाने पर बातचीत के बजाय कथित तौर पर ‘डू नॉट डिस्टर्ब मी’ संदेश भेजने का भी जिक्र किया गया है।

निकाय चुनाव में सहयोग नहीं करने का आरोप

कांग्रेस ने हालिया नगर निकाय चुनाव में विश्वेंद्र सिंह की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के अनुसार प्रत्याशी चयन और चुनाव प्रचार में उन्होंने जिला कांग्रेस कमेटी या उम्मीदवारों को सहयोग नहीं दिया। भरतपुर नगर निगम महापौर चुनाव को लेकर भी नोटिस में सवाल उठाया गया है। कांग्रेस का आरोप है कि पार्टी समर्थित प्रत्याशी ने विश्वेंद्र सिंह के निर्देश पर नाम वापस लेने की बात कही थी। इसके बाद बीजेपी का महापौर निर्विरोध चुना गया।

जिलाध्यक्षों और डोटासरा पर बयानबाजी का मामला

नोटिस में सोशल मीडिया के जरिए भरतपुर और डीग के जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने को भी अनुशासनहीनता के आरोपों में शामिल किया गया है। कांग्रेस का कहना है कि संगठन से जुड़ी शिकायतों या असहमति को पार्टी के उचित मंच पर उठाया जाना चाहिए। विश्वेंद्र सिंह की ओर से जिला अध्यक्षों की नियुक्ति और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संगठन सृजन अभियान पर सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाने का भी उल्लेख नोटिस में है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ कथित व्यक्तिगत और राजनीतिक टिप्पणियों पर भी अनुशासन समिति ने आपत्ति जताई है। पार्टी ने इन गतिविधियों को कांग्रेस की छवि और हितों के खिलाफ बताया है।

विश्वेंद्र सिंह ने क्या कहा?

विश्वेंद्र सिंह ने नोटिस और पार्टी के भीतर चल रहे विवाद पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कांग्रेस से कोई इस्तीफा नहीं दिया है और केवल अपनी बात रखी है। उन्होंने भरतपुर और डीग के दोनों जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व को भी उनकी स्थिति की जानकारी है।

डीग में चारों कांग्रेस उम्मीदवारों की हार का किया जिक्र

विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि डीग में 40 वार्डों में कांग्रेस ने चार टिकट दिए थे और चारों उम्मीदवार चुनाव हार गए। उनके मुताबिक एक उम्मीदवार को सिर्फ 10 वोट मिले। उन्होंने दावा किया कि वह शुरुआत से ही दोनों जिला अध्यक्षों की कार्यप्रणाली का विरोध करते रहे हैं, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। उनका यह भी कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने उनसे बातचीत की है और कुछ बातों को स्वीकार किया है। विश्वेंद्र सिंह ने साफ कहा कि वह अपने आत्मसम्मान से समझौता नहीं करेंगे और जहां उन्हें ठेस पहुंचेगी, वहां इसे स्वीकार नहीं करेंगे। 

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