Jitan Ram Manjhi: केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपने बेटे संतोष कुमार सुमन के निजी जीवन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। गयाजी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मांझी ने कहा कि, संतोष सुमन उनके सौतेले बेटे हैं। लेकिन उन्होंने उन्हें (संतोष सुमन) ही पार्टी का उत्तराधिकारी और मंत्री बनाया है।

8 वर्ष की उम्र में मर गई थी मां

जीतन राम मांझी संतोष सुमन के परवरिश को लेकर बड़ा देते हुए कहा कि, जब संतोष सुमन आठ महीने का था तो उसी समय उसकी मां का निधन हो गया था। मेरा भाई गोविंद इंस्पेक्टर था, जिसने बेटे संतोष कुमार सुमन को डॉन बॉस्को स्कूल में पढ़ाया। संतोष का जीवन मेरे भाई का ही देन है। गोविंद की पत्नी का दूध पीकर ही यह (संतोष) जीया है। उन्होंने कहा कि, इसके लिए हमलोगों ने कुछ नहीं किया, जो कुछ किया सब उसके चाचा-चाची ने ही किया।

‘सौतेली मां क्या-क्या करती है….’

मांझी ने आगे कहा कि, आज जब सौतेले की बात होती है, तो लोग इसे नकारात्मक की तरह देखते हैं। सौतेली मां के बारे में तो जानते ही हैं कि क्या-क्या करती है….उन्होंने (भाई-भाभी) संतोष को अनुशासन में रखा और हमेशा उसके लिए बेहतर करने की सोच रखी। उन्होंने कभी भी संतोष को यह महसूस नहीं होने दिया कि वह सौतेले बेटे हैं और हमने भी कभी कंट्रोल नहीं किया।

पहली पत्नी के बेटे हैं संतोष सुमन

जीतन राम मांझी इस दौरान थोड़ा भावुक भी नजर आए। उन्होंने कहा कि, इसकी (संतोष) मां मर गई है, तो उसी के लिए हम सबसे ज्यादा काम करेंगे। आज उत्तराधिकारी बना दिए… मंत्री बना दिए। बता दें कि संतोष सुमन केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पहली पत्नी के पुत्र हैं।

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