वीरेंद्र कुमार, नालंदा। जिले में निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 हजार रुपये रिश्वत लेते एक दरोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। मामला राजगीर थाना क्षेत्र का है। गिरफ्तार दरोगा की पहचान देवकांत कुमार के रूप में हुई है, जो वर्तमान में राजगीर थाना में तैनात हैं।

केस में मदद के नाम पर रिश्वत

दरअसल गिरफ्तार दरोगा आर्म्स एक्ट के एक मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत ले रहे थे, तभी निगरानी विभाग की टीम ने छापेमारी कर उन्हें धर दबोचा। यह कार्रवाई डीएसपी राम चौधरी के नेतृत्व में की गई, जिसके बाद पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। शिकायतकर्ता डॉ. रविशंकर कुमार ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे आर्म्स एक्ट मामले में फंसाकर जेल भेज दिया गया था, जिसमें मदद के नाम पर उससे रिश्वत मांगी जा रही थी।

90 हजार में तय हुआ था सौदा

शिकायतकर्ता ने बताया कि दरोगा देवकांत कुमार पहले ही 20 हजार रुपये ले चुके थे और बाद में 1 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। बातचीत के बाद 90 हजार रुपये में सौदा तय हुआ, लेकिन रिश्वत लेते ही निगरानी विभाग ने दारोगा को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।

दरअसल डॉ. रविशंकर कुमार ने पहले ही इसकी सूचना निगरानी विभाग पटना में कि थी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाते हुए दरोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दारोगा की गिरफ्तारी के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया था और आज आरोपी को उसके कर्मों की सजा मिल गई।

दरोगा को पटना लेकर गई टीम

निगरानी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हो गई थी। आरोपी के पास से केमिकल लगे नोट भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी दरोगा को पटना लेकर गई है, जहां निगरानी विभाग आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी हुई है। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

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