देहरादून. महिला आऱक्षण को लेकर पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बयानबाजी का दौर जारी है. कभी बीजेपी विपक्ष को इस मुद्दे पर घेरती है तो कभी विपक्ष महिला विरोधी बताते हुए पलटवार कर रही है. एक-दूसरे पर महिला आरक्षण में अड़ंगा लगाने का आरोप लगा रहे हैं. पूर्व सीएम हरीश रावत ने भी भाजपा पर निशाना साधा है. हरीशर रावत ने कहा, नारी का सम्मान नहीं तो सत्ता बेकार, 33% आरक्षण हमारी बहन-बेटियों अधिकार.

इसे भी पढ़ें- ये सरकार धूर्तों की है, इन धूर्तों की… धामी सरकार पर बरसे गणेश गोदियाल, जानिए कांग्रेस अध्यक्ष ने क्यों और क्या कहा?

आगे हरीश रावत ने एक्स पर पोस्ट कहा, यह भाजपा के लोग कान खोलकर सुन लें, तुम तो बेईमान थे. तुमने उसके साथ जनगणना को जोड़ने का काम किया और जब जनगणना करने की बात आई तो तुमने कभी कोविड का बहाना लेकर, कभी कोई और बहाना करके जनगणना नहीं करने का काम किया.

इसे भी पढ़ें- शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 200 साधु-संतों को दिलाई गौ रक्षा की शपथ, UP की 403 विधानसभाओं में यात्रा की घोषणा

आगे हरीश रावत ने कहा, वर्ष 2023 में जनगणना, परिसीमन आदि का बहाना लेकर यह भारतीय जनता पार्टी ही थी, जिसने 33% आरक्षण से महिलाओं को वंचित करने का काम किया. नहीं तो आज आरक्षण लागू हो चुका होता और 2027 में आपमें से हमारी कई बहनें और बेटियां विधानसभा के अंदर सुशोभित होतीं, लेकिन यह भारतीय जनता पार्टी है, जिसने हमारी बहनों व बेटियों को वंचित करने का काम किया है.