कुरुक्षेत्र। हरियाणा के प्रतिष्ठित संस्थान एनआईटी कुरुक्षेत्र में पिछले दो महीनों के भीतर चार छात्र-छात्राओं द्वारा की गई आत्महत्याओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस संवेदनशील मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय टीम के दौरे के ठीक 24 घंटे के भीतर संस्थान के डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी को उनके पद से बेदखल कर दिया गया है। शनिवार देर रात संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को नया डायरेक्टर नियुक्त किए जाने की जानकारी सार्वजनिक की गई जो संस्थान में फैली अव्यवस्था और प्रशासनिक विफलता पर सरकार के कड़े प्रहार का संकेत है।

मौत के साये में कैंपस और मंत्रालय का एक्शन जॉइंट रजिस्ट्रार के बाद अब शीर्ष नेतृत्व पर गिरी गाज

संस्थान में फरवरी से अप्रैल के बीच अंगोद शिवा, पवन कुमार, प्रियांशु वर्मा और दीक्षा दुबे जैसे होनहार छात्रों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने कैंपस के भीतर गहरे आक्रोश को जन्म दिया था। शुक्रवार को केंद्रीय शिक्षा सचिव और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. विनीत जोशी के नेतृत्व में आई पांच सदस्यीय टीम ने छात्रों से बात कर शिक्षकों के व्यवहार और हॉस्टल की सुविधाओं की जानकारी जुटाई थी। इस दौरे के तत्काल बाद पहले जॉइंट रजिस्ट्रार ज्ञान रंजन सामंत्रे को सस्पेंड किया गया और अब डायरेक्टर की छुट्टी कर दी गई है क्योंकि प्रशासन पर जांच को प्रभावित करने के लिए जबरन हॉस्टल खाली कराने और छुट्टियां घोषित करने के गंभीर आरोप लगे थे।

वित्तीय अनियमितताओं और भर्ती घोटाले के घेरे में संस्थान प्रशासन की मुश्किलें और बढ़ेंगी

हटाए गए डायरेक्टर प्रो. बीवी रमना रेड्डी की मुश्किलें केवल छात्र सुसाइड केस तक सीमित नहीं हैं बल्कि उन पर अपने गृह राज्य तेलंगाना से अवैध भर्तियां करने और प्रमोशन में धांधली करने के भी संगीन आरोप हैं। मंत्रालय ने मार्च के अंत में ही उनके प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों को छीन लिया था जिसके बाद रिव्यू कमेटी ने संस्थान की गिरती रैंकिंग और खाली पड़े पदों की गहन जांच शुरू कर दी थी। वर्तमान में प्रो. ब्रह्मजीत सिंह को कमान सौंपी गई है लेकिन दिल्ली से आई टीम की रिपोर्ट के आधार पर आने वाले दिनों में कई और बड़े नामों पर दंडात्मक कार्रवाई होना तय माना जा रहा है।