​पटना। बिहार की राजधानी में मेट्रो का सपना देख रहे लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना है। आगामी 27 अप्रैल को पटना मेट्रो की सेवाएं आम जनता के लिए पूरी तरह से बंद रहेंगी। इसका मुख्य कारण कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम द्वारा किया जाने वाला उच्चस्तरीय निरीक्षण है। इस सुरक्षा जांच की मंजूरी मिलते ही मेट्रो के अगले चरण का रास्ता साफ हो जाएगा।

​सुरक्षा मानकों की होगी कड़ी जांच

​CMRS की टीम मुख्य रूप से भूतनाथ से मलाही पकड़ी स्टेशन के बीच बिछाई गई मेट्रो लाइन का सघन निरीक्षण करेगी। इस दौरान ट्रैक की मजबूती, अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, प्लेटफॉर्म सुरक्षा और यात्री सुविधाओं जैसे तकनीकी पहलुओं को परखा जाएगा। सुरक्षा मानकों पर हरी झंडी मिलने के बाद ही इस रूट पर परिचालन की आधिकारिक तारीख घोषित की जाएगी।

​28 अप्रैल से बहाल होगी सेवा

​मेट्रो प्रशासन के अनुसार, एक दिन के इस विशेष निरीक्षण के बाद 28 अप्रैल (मंगलवार) से यात्री सेवाएं फिर से सामान्य रूप से बहाल कर दी जाएंगी। हालांकि, भविष्य में मलाही पकड़ी से खेमनीचक तक के विस्तार के लिए यह जांच अनिवार्य है।

​सफल ट्रायल और विस्तार की योजना

​बता दें कि बीते 26 फरवरी को भूतनाथ से मलाही पकड़ी के बीच 2.75 किलोमीटर की दूरी पर पहला सफल ट्रायल रन किया गया था। इस दौरान आपातकालीन प्रोटोकॉल और ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन की बारीकी से जांच हुई थी। जल्द ही लोग मलाही पकड़ी से पाटलिपुत्र बस टर्मिनल तक के 6.2 किलोमीटर ऊंचे (एलिवेटेड) ट्रैक पर सफर कर सकेंगे।

​खेमनीचक: भविष्य का एक्सचेंज स्टेशन

​पटना मेट्रो का खेमनीचक स्टेशन बेहद खास होने वाला है। इसे इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां कॉरिडोर-1 और कॉरिडोर-2 की मेट्रो आपस में मिलेंगी। हालांकि, निर्माण कार्य जारी होने के कारण शुरुआती दौर में यहां ट्रेनों का ठहराव नहीं होगा।

​टनल निर्माण में तेजी

​कॉरिडोर-2 के तहत मोइनुल हक स्टेडियम से राजेंद्र नगर के बीच सुरंग का काम भी अंतिम चरण में है। पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) रेलवे ट्रैक को पार कर चुकी है और मई तक पहला टनल पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।