कुंदन कुमार/पटना। शहर के संजय गांधी जैविक उद्यान (पटना जू) में तपती गर्मी और लू से वन्यजीवों को बचाने के लिए प्रशासन ने ‘वीआईपी’ इंतजाम किए हैं। जानवरों को भीषण गर्मी से राहत देने के लिए कूलर, एसी और खास डाइट का सहारा लिया जा रहा है।
एसी और कूलर की ठंडी हवा में वन्यजीव
जू प्रशासन ने जानवरों के नाइट हाउस और बाड़ों में 17 कूलर और 53 पंखे लगाए हैं। सबसे खास इंतजाम सरीसृप और निशाचर जीवों के लिए है। सांपघर, मछलीघर और निशाचर भवन में कुल 11 एसी लगाए गए हैं, ताकि अजगर, कोबरा और वाइपर जैसे जीवों को ठंडे फर्श का अहसास मिले। बाघ, शेर, तेंदुआ और भालू की गुफाओं में भी कूलर की ठंडी हवा का इंतजाम है।
स्प्रिंकलर और झरनों से राहत
पक्षियों को तपिश से बचाने के लिए उनके बाड़ों में वॉटर स्प्रिंकलर और मिस्ट फॉगर लगाए गए हैं, जो लगातार पानी की फुहारें छोड़ते हैं। एमू और ऑस्ट्रिच के बाड़ों में फाउंटेन (फव्वारे) चल रहे हैं। हाथी के इंक्लोजर में मोट और स्प्रिंकलर के जरिए ठंडे पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। वहीं, भालू खुद को ठंडा रखने के लिए कृत्रिम झरनों में अठखेलियां कर रहे हैं।
डाइट चार्ट में बदलाव: नारियल पानी और दही-चावल
गर्मी में पाचन दुरुस्त रखने के लिए मांसाहारी जीवों की डाइट कम कर दी गई है। चिंपांजी को नारियल पानी, दही-चावल, अनार का रस और तरबूज जैसे रसीले फल दिए जा रहे हैं। भालू के भोजन में खीर, चपाती और मौसमी फलों को शामिल किया गया है। हाथियों को ठंडक के लिए केले के थंब (तने) नियमित रूप से खिलाए जा रहे हैं।
मेडिकल केयर और निगरानी
लू से बचाव के लिए सभी जानवरों को पानी में ग्लूकोज, इलेक्ट्रॉल, मल्टीविटामिन और विशेष होम्योपैथी दवाएं दी जा रही हैं। जू के डॉक्टर और कर्मचारी 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी जानवर में डिहाइड्रेशन या हीट स्ट्रोक के लक्षण दिखने पर तुरंत उपचार किया जा सके। बाड़ों की छतों और फर्श पर भी दिन भर पानी का छिड़काव किया जाता है ताकि तापमान नियंत्रित रहे।
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