अतीश दीपंकर/​भागलपुर। साइबर अपराधियों ने अब ठगी का नया तरीका निकाला है। मॉल की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर एक व्यक्ति से करीब 48 लाख रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस मामले में भागलपुर पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।

​फर्जी वेबसाइट का मायाजाल

​ठगी के इस खेल में अपराधियों ने एक नामी मॉल की फर्जी वेबसाइट तैयार की थी। पीड़ित को फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर विभिन्न शुल्कों और निवेश के नाम पर धीरे-धीरे कुल 48 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ, तो उसने 13 अप्रैल को भागलपुर के साइबर थाने में न्याय की गुहार लगाई। आवेदन मिलते ही पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्राथमिकी दर्ज की।

​तकनीकी जांच और पुलिस की घेराबंदी

​भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक की निगरानी में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) के नेतृत्व में टीम ने मामले से जुड़े मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की गहन तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला कि अपराधी नालंदा जिले के पावापुरी इलाके में सक्रिय हैं।

​लोकेशन बदलते रहा आरोपी, गया में दबोचा गय

​पुलिस की टीम ने जब नालंदा में छापेमारी शुरू की, तो शातिर अपराधी बिरेंद्र चौधरी लगातार अपना ठिकाना बदलने लगा। वह पुलिस को चकमा देने के लिए नालंदा से गया की ओर भाग निकला। हालांकि, तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछा कर रही टीम ने उसे गया जिले के धनौती थाना क्षेत्र से अंततः गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिरेंद्र चौधरी के रूप में हुई है, जो नालंदा के सिलाव थाना अंतर्गत भगवानपुर का निवासी है।

​कार्रवाई और अन्य की तलाश

​गिरफ्तार अभियुक्त से पुलिस कड़ी पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके। इस सफल छापेमारी दल में साइबर थाना भागलपुर के शिव कुमार सुमन और प्रशांत कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस रैकेट से जुड़े अन्य अपराधियों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।