संजीव, सोनीपत (सांदल खुर्द): हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव सांदल खुर्द से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां एक किसान को ट्यूबवेल के लिए कनेक्शन दिए बिना ही सिस्टम में “सक्रिय” दिखा दिया गया और बिजली बिल भी जारी कर दिया गया।

आवेदन से भुगतान तक पूरी प्रक्रिया पूरी

गांव निवासी अमित ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2023 में ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए आवेदन किया था। अगस्त 2024 में 30 हजार रुपये एडवांस जमा करवाए गए। इसके बाद विभाग ने ट्रांसफार्मर, तार व अन्य उपकरणों के लिए 1,45,770 रुपये का एस्टीमेट बनाया, जबकि ठेकेदार को 9,400 रुपये अलग से दिए गए। किसान के अनुसार, सभी भुगतान समय पर कर दिए गए।

अधूरा काम, लेकिन कागजों में ‘पूरा’ कनेक्शन

जनवरी 2026 में ठेकेदार ने मौके पर पहुंचकर ट्रांसफार्मर आदि का आंशिक कार्य किया, लेकिन पूरा सिस्टम स्थापित नहीं किया गया। मीटर को ठीक से फिट करने के बजाय अस्थायी रूप से बांध दिया गया। किसान का आरोप है कि ट्यूबवेल तक कनेक्शन जोड़े बिना ही काम पूरा दिखा दिया गया।

बिना इस्तेमाल के भेजा बिजली बिल

सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि कनेक्शन चालू न होने के बावजूद किसान को दो महीने का करीब 500 रुपये का बिजली बिल भेज दिया गया। किसान का कहना है कि जब बिजली उपयोग ही नहीं हुई, तो बिल जारी करना गलत है।

घटिया निर्माण और सुरक्षा में लापरवाही के आरोप
अमित ने आरोप लगाया कि लगाया गया ट्रांसफार्मर तिरछा खड़ा है और उससे तेल रिस रहा है। इसके अलावा खंभे की सपोर्ट वायर, जो एस्टीमेट में शामिल थी, मौके पर लगाई ही नहीं गई। कई अन्य सामग्री भी कागजों में दिखाकर जमीन पर नहीं लगाई गई।

कर्ज लेकर कराया काम, अब बढ़ी मुश्किलें

किसान के मुताबिक, उन्होंने यह पूरा काम कर्ज लेकर कराया था ताकि समय पर सिंचाई हो सके। लेकिन कनेक्शन शुरू न होने से फसल प्रभावित हो रही है और आर्थिक बोझ बढ़ गया है।

शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं

किसान ने कई बार विभाग में शिकायत दर्ज करवाई, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उल्टा उन्हें लगातार मैसेज और कॉल मिल रहे हैं कि कनेक्शन चालू हो चुका है।

बिल माफी और कार्रवाई की मांग

अमित, जो होमगार्ड में कार्यरत हैं, ने मांग की है कि बिना उपयोग के भेजे गए बिल को तुरंत रद्द किया जाए और मामले में जिम्मेदार ठेकेदार व अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान के साथ ऐसा न हो।