कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हिसार में छात्रों और सामाजिक संगठनों की बड़ी महापंचायत ने आंदोलन को नई दिशा दे दी है। इस महापंचायत में सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया, जिसकी कमान अनंत राम तंवर के हाथों में सौंपी गई है। इस कमेटी में खाप प्रतिनिधियों, सामाजिक पदाधिकारियों और छात्र नेताओं को शामिल किया गया है, जो अब सीधे प्रशासन के साथ वार्ता करेंगे।
महापंचायत में तय हुआ कि यह कमेटी जल्द ही IG और कमिश्नर से मुलाकात कर छात्रों की समस्याओं और मांगों को उनके सामने मजबूती से रखेगी। प्रशासन को साफ तौर पर 5 दिन का समय दिया गया है। अगर इस अवधि में मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो कमेटी आगे की रणनीति तय करेगी और जरूरत पड़ी तो इससे भी बड़ी महापंचायत बुलाने का ऐलान किया गया है।
कमेटी के प्रमुख अनंत राम तंवर ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह निर्णय किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि सभी खाप प्रधानों और छात्रों की सामूहिक सहमति से लिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल शांतिपूर्ण तरीके से हल निकालने की कोशिश की जा रही है, लेकिन यदि प्रशासन ने गंभीरता नहीं दिखाई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
महापंचायत में बिहार से आए सांसद पप्पू यादव, दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला सहित कई खापों के प्रधान और छात्र नेताओं ने भी मंच से अपनी बात रखी। सभी वक्ताओं ने एक स्वर में छात्रों के समर्थन का ऐलान किया और उनकी मांगों को जायज बताते हुए हर स्तर पर लड़ाई लड़ने की बात कही।
महापंचायत के दौरान युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में छात्र हाथों में तख्तियां और नारों के साथ पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। खाप प्रतिनिधियों ने भी साफ किया कि यह केवल छात्रों का मुद्दा नहीं, बल्कि समाज के भविष्य से जुड़ा सवाल है, इसलिए हर वर्ग को इसके समाधान के लिए आगे आना होगा।
वहीं, राजनीतिक और सामाजिक समर्थन मिलने से इस आंदोलन को नई ताकत मिलती दिखाई दे रही है। जानकार मानते हैं कि अगर प्रशासन ने तय समयसीमा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो यह आंदोलन जिला स्तर से निकलकर प्रदेशव्यापी रूप ले सकता है, जिससे सरकार और प्रशासन पर दबाव और बढ़ेगा।

