संजीव घनगस ,सोनीपत। जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं पर कृषि विभाग ने सख्त रुख अपनाया है और किसानों को जागरूक करने के लिए अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सहायक कृषि अभियन्ता नवीन हुड्डा के नेतृत्व में विभागीय टीम ने खंड राई के गांव जठेरी और लिवान का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने खेतों में गेहूं की पराली जलती हुई पाई, जिसके बाद तत्काल डायल 112 पर सूचना दी गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। मामले में पुलिस ने अज्ञात कारणों से आग लगने की रिपोर्ट दर्ज की है।


आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से अवशेषों को मिट्टी में मिलाने की सलाह
सहायक कृषि अभियन्ता नवीन हुड्डा ने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने के बजाय आधुनिक कृषि यंत्रों की मदद से अवशेषों को मिट्टी में मिलाएं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि भूमि की उर्वरक क्षमता भी बढ़ेगी।


हरित खाद बनाने सरकार देती है प्रोत्साहन राशि
उन्होंने यह भी बताया कि किसान मूंग और ढैंचा जैसी फसलों की बुवाई कर हरित खाद तैयार कर सकते हैं, जिसके लिए उन्हें सरकारी योजना के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है।


कृषि विभाग ने चेतावनी दी है कि पराली जलाते पाए जाने पर 5,000 से 30,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही राजस्व रिकॉर्ड में रेड एंट्री और दो सीजन तक न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसल बेचने पर रोक भी लगाई जा सकती है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम पर्यावरण संरक्षण और मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए जरूरी है, इसलिए किसानों से सहयोग की अपील की गई है।