कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हिसार के क्रांतिमान पार्क में आयोजित छात्र महापंचायत में उस वक्त माहौल गरमा गया, जब बिहार से सांसद पप्पू यादव मंच पर पहुंचे। अपने बेबाक अंदाज के लिए पहचाने जाने वाले पप्पू यादव ने सरकार और व्यवस्था पर तीखे हमले बोलते हुए छात्रों के मुद्दों को राष्ट्रीय बहस का विषय बना दिया। महापंचायत में बड़ी संख्या में छात्र, खाप प्रतिनिधि और जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता मौजूद रहे, वहीं दुष्यंत चौटाला, दिग्विजय चौटाला और अजय चौटाला की मौजूदगी ने इसे राजनीतिक रूप से भी अहम बना दिया।
देश की नीतियां कुछ गिने-चुने लोगों के इशारों पर चल रही है
मंच से बोलते हुए पप्पू यादव ने GJU घटना को लेकर प्रशासन की कार्रवाई की कड़ी निंदा की और कहा कि शिक्षा की लड़ाई कोई नई नहीं, बल्कि सदियों से चली आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मनुवादी सोच शिक्षा में बाधा डालती थी और आज बड़े उद्योगपतियों के इशारे पर सरकार गरीब और मजदूर वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ने से रोकना चाहती है। उन्होंने केंद्र सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि देश की नीतियां कुछ गिने-चुने लोगों के इशारों पर चल रही हैं, जो नहीं चाहते कि शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो।
शिक्षा अब आम आदमी की पहुंच से हुआ दूर
पप्पू यादव ने अपने भाषण में देश के मौजूदा माहौल को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि आज भय और असमानता का माहौल बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी स्कूलों को लगातार कमजोर किया जा रहा है और शिक्षा को आम आदमी की पहुंच से दूर किया जा रहा है। प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि जब योग्य नेतृत्व नहीं होगा, तो शिक्षा नीति भी कमजोर ही बनेगी।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने छात्रों को सीधा संदेश देते हुए कहा कि यह लड़ाई उनकी अपनी है और अगर उन्हें अपने हक चाहिए तो उन्हें लंबी लड़ाई के लिए तैयार रहना होगा। “अगर लड़ना है तो कमर कस लो, क्योंकि यह संघर्ष छोटा नहीं है,” इस आह्वान के साथ उन्होंने छात्रों में जोश भर दिया, जिससे महापंचायत का माहौल और अधिक उग्र और ऊर्जावान हो गया।

