मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार करनाल और सभी उपमंडलों में सोमवार को समाधान शिविरों का आयोजन हुआ। डीसी ने अधिकारियों को प्राथमिकता के आधार पर शिकायतों का समयबद्ध समाधान करने को कहा है।
लक्ष्य वर्मा, करनाल। जिला मुख्यालय सहित सभी उपमंडल स्तरों पर सोमवार को ‘समाधान शिविर’ का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय पर आयोजित शिविर की अध्यक्षता स्वयं उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने की, जहां विभिन्न विभागों के आला अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान जिले भर से कुल 9 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें करनाल मुख्यालय पर 04, नीलोखेड़ी उपमंडल में 02 तथा इंद्री, घरौंडा और असंध उपमंडल में एक-एक शिकायत दर्ज की गई। डीसी ने प्रत्येक शिकायतकर्ता की बात को ध्यानपूर्वक सुना और मौके पर मौजूद अधिकारियों को उनके त्वरित निवारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सुशासन का संकल्प: त्वरित और प्रभावी समाधान पर जोर
उपायुक्त डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बैठक के दौरान स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विशेष निर्देशानुसार हर सोमवार और वीरवार को सुबह 10 से 12 बजे तक जिला व उपमंडल स्तर पर इन शिविरों का आयोजन अनिवार्य रूप से किया जाता है। उन्होंने अधिकारियों को हिदायत दी कि समाधान शिविरों का मूल उद्देश्य आमजन की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है। डीसी ने कहा कि प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और प्राथमिकता के आधार पर उनका निपटारा किया जाए ताकि नागरिकों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें और उन्हें अनावश्यक मानसिक व आर्थिक परेशानी से बचाया जा सके।
प्रशासनिक जवाबदेही: समयबद्ध निस्तारण से बढ़ेगा विश्वास
समाधान शिविर को सुशासन की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने कहा कि समस्याओं का समयबद्ध समाधान ही सरकार और प्रशासन पर जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत करेगा। यह शिविर केवल एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुशासन के संकल्प को लागू करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को भविष्य में भी इसी तत्परता के साथ कार्य करने और लंबित शिकायतों को शून्य करने की दिशा में प्रयास करने को कहा। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र व्यक्ति अपनी जायज मांगों के लिए उपेक्षित महसूस न करे।

