राकेश चतुर्वेदी/ शिखिल ब्यौहार, भोपाल। केंद्र के विधेयक पर मध्य प्रदेश में आज नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। इसी के साथ एमपी देश का पहला राज्य बन गया जहां महिला आरक्षण विधेयक पर विधानसभा सत्र रखा गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण का संकल्प पेश किया। एक हजार आम महिलाओं को विधानसभा की दर्शक दीर्घा में स्थान दिया गया। कई महिलाओं ने पहली बार विधानसभा में सदन की कार्यवाही देखी है।
MLA रीति पाठक बोलीं- ईश्वर ने मौका दिया, संकल्प का सम्मान करें
बीजेपी विधायक रीति पाठक ने सदन में कहा, ‘एक इतिहास कांग्रेस और सहयोगी दल ने बनाने की कोशिश की है जिसको वो अपनी जीत मानते है।कांग्रेस ने देश के सदन में महिलाओं के लिए लाए गए बिल का समर्थन नही किया ओर गिर गया। राहुल गांधी को पहले अपने घर की चिंता थी इसलिए महिला बिल का समर्थन नही किया। हर राजनेताओं का विजन 5 साल का होता है पर पीएम नरेंद्र मोदी का विजन 2047 का है। एक महिला राजनीतिक क्षेत्रों में काम करने निकलती है तो यह सामान्य नहीं है। ईश्वर ने मौका दिया है, आज सदन में यह संकल्प आया है इसका सम्मान करें।’
आरिफ मसूद बोले- हमसे भेदभाव न करें
कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सदन में कहा, ‘बीजेपी महिला आरक्षण खोलकर हिम्मत नहीं जुटा सकते। आजादी की लड़ाई के योद्धा बहुत थे, उनमें भेदभाव नहीं होना चाहिए। बी अम्मा, शौकत खान उनके पुत्र थे, भूल गए हम। हाथरस, जंतर मंतर, एक महिला खिलाड़ी का मामला, असम मामला, इस पर चर्चा नहीं होती, भेदभाव किसका है। आज कल नया शब्द निकला है..जिहाद, तालिबानी..गजब कर दिया। हमें भेजिए बॉर्डर भेजिए हम तैयार हैं लेकिन हम लोगों से भेदभाव नहीं कीजिए। बीजेपी में कभी महिला अध्यक्ष ही नहीं रहा, ये महिला आरक्षण की बात कर रहे हैं। एक बात का दुख है कि फूलसिंह बैरिया की बात से बहुत लोग सहमत नहीं होंगे, लेकिन उनको बोलने का मौका देना था। कैलाश विजयवर्गीय को भी अपने बयानों पर आज माफी मांग ही लेना चाहिए। इससे अच्छा मौका अब उन्हें नहीं मिलेगा। बाहर का मामला भी सुधर जाएगा।’
उमंग सिंघार ने RSS में महिलाओं की कही बात
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सदन में भाजपा और आरएसएस पर जमकर सियासी हमले किए। उन्होंने कहा, ‘कब होगा परिसीमन, वाब मिला अगले साल होगा। केंद्र की बात आप समझ गए पहले से ही, वाह आप अंतर्यामी हैं।’ इस पर भूपेंद्र सिंह ने कहा कि परिसीमन भी होगा और आरक्षण भी होगा। आगामी चुनाव भी आरक्षण के साथ होंगे।
उमंग सिंघार ने कहा, ‘आप मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं और मध्यप्रदेश की बात नही करेंगे। क्यों सरकार 2029 की बात करती है, क्यों 2047 की बात होती है? Obc के आरक्षण की बात क्यों नहीं होती? सरकार की उज्ज्वला योजना आई थी चुनाव से पहले, अब हो रहा है वो। महिलाओं को टंकी नहीं मिल पा रही।सोशल मीडिया का जमाना है। क्या केंद्र से कभी सोचा कि ऑनलाइन सर्वे कराया जाए, पूछिए आज आरक्षण चाहिए कि 2029 का आरक्षण चाहिए?’
उन्होंने आगे कहा, मोदी को 56 इंच का सीना कहा, अमेरिका के सामने क्यों घुटने टेक दिए? महिला आज आरक्षण चाहती है। 2023 के बिल में साफ था, परिसीमन और जनगणना के बाद लागू किया जाएगा। हमने समर्थन किया था। तब की बात अब क्यों नहीं होगी? क्यों बिल को बदलने की बात की जा रही है? परिसीमन के बिना भी महिला का यह बिल पास हो सकता है। यहां कांग्रेस बीजेपी की बात नहीं होनी चाहिए। बीजेपी परिसीमन के नाम पर अपना स्वार्थ देखना चाहती है। दिल्ली में विशेष सत्र बुलाए, कोई भी मना नहीं करेगा।’
‘राजनीतिक दलों का भी सिविक सेंस होना चाहिए’
सिंघार ने कहा कि राजनीतिक दलों का भी सिविक सेंस होना चाहिए। ;डबल इंजन की सरकार में मनमानी बची है, सिविल सेंस खत्म हो गया है। मेरी राजनीति की शुरुआत भी महिला से हुई थी, किसी किताब, किसी विचारधारा से नहीं हुई। जमना देवी जी को देख बुआ से मेरी राजनीति की शुरुआत हुई। वो बताती थी कि वह 175 रुपये में प्रचार करती थी। एक साड़ी में रही, झोपड़ी में सोती थी, ये है प्रदेश की महिलाओं का संघर्ष। हर महिलाओं की भावनाओं की सम्मान करना चाहिए। बीजेपी ने कभी इस भावनाओं का सम्मान नहीं किया।
महिलाओं को सम्मान नहीं मिलता..
सिंघार ने कहा कि खुशबू खान हॉकी खिलाड़ी को सम्मान नहीं मिला। आवास का वादा पूरा नहीं किया। झोपड़ी में रहती है। उनके पिता ऑटो से चलते हैं। 9 साल में प्रधानमंत्री आवास नहीं दे पाए। कई बच्ची लापता हैं। महिला आयोग के पद खाली पड़े हैं। उमा भारती को भूल गए, पूर्व मंत्री कुसुम महदेले को भूल गए, यहां जो बैठी हैं बीजेपी उनको भी भूल जाएगी। आप सभी को रानी लक्ष्मी बाई मानता हूं। आपके दिल से भी यही बात निकलेगी कि आज आरक्षण मिलना चाहिए।
RSS की प्रमुख महिला क्यों नहीं बन पाई..
सिंघार ने निशाना साधते हुए कहा कि RSS की प्रमुख महिला क्यों नहीं बन पाई? अपने घर से शुरुआत क्यों नहीं की? इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने जवाब दिया कि महिला का भी एक भाग होता है संघ में, आपको सामान्य ज्ञान नहीं है। सिंघार ने आगे सवाल किया कि आरएसएस का आज भी रजिस्ट्रेशन क्यों नहीं होता? इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा- आज का यह विषय नहीं, कहें तो इस पर भी चर्चा कर लेते हैं। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा – विषय से न भटकें।
सिंघार ने कहा कि प्रदेश में 31 मंत्री हैं जिसमें पांच महिला मंत्री हैं। यहां क्यों नहीं दिया आरक्षण ? आप क्या बात करेंगे महिला आरक्षण की? सरकार की कथनी और करनी में फर्क है। इतने प्रदेशों में आपकी सरकार है तो भी आप नहीं कर रहे क्योंकि आप करना नहीं चाहते। महिला आरक्षण को हक नहीं देना चाहते। मासूम बच्चे मर गए विशेष सत्र नहीं हुआ, भागीरथपुरा में पानी से मर गए विशेष सत्र नहीं हुआ, बेरोजगारों पर विशेष सत्र नहीं हुआ, अतिथि शिक्षकों पर विशेष सत्र नहीं हुआ, कर्मचारियों पर विशेष सत्र नहीं हुआ, पार्टी के एजेंडा के लिए निंदा के लिए विशेष सत्र बुलाया गया यह कैसा लोकतंत्र है? यह कैसा महिला सशक्तिकरण?
एमपी में महिला अगली सीएम!
सिंघार ने प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री महिला वर्ग से होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि अगला मुख्यमंत्री प्रदेश से बनेगा तो महिला ही बनेगी। इस बात पर जवाब होना भी चाहिए। दिल्ली की बात तो दूर की है, मध्य प्रदेश की बात कीजिए। दम है तो बताइए। मध्य प्रदेश से कोई यहां बैठी हुई बेटी मध्य प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री होगा ?
विधानसभा में ये रहे तर्क
नेता प्रतिपक्ष- विपक्ष की मांग है कि दिल्ली वाला बिल नहीं, 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू किया जाए
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे- कांग्रेस हमेशा से महिला आरक्षण के साथ है. देश की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी बनीं.
विधायक अजय सिंह- केंद्र का बिल छोड़िए आज की स्थिति में 33 प्रतिशत आरक्षण व्यवस्था दीजिए.
विधायक आरिफ मसूद- बीजेपी में कभी महिला आरक्षण नहीं रहा
राज्यमंत्री कृष्णा गौर- काग्रेस का महिला विरोधी चेहरा उजागर हो गया.
पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस- विधानसभाओं में आज महिलाएं बोल रहीं हैं तो विपक्ष उन्हें बोलने भी नहीं दे रहा है.
गोपाल भार्गव- नारी शक्ति वंदन काननू लागू होते ही विधानसभाएं-लोकसभा में महिला प्रतिनिधियों की संख्या बढ़ेगी
राज्यमंत्री प्रतिमा बागरी- विपक्ष ने महिला आरक्षण बिल को तमाशा बना दिया
बीजेपी विधायक रीति पाठक- एक इतिहास कांग्रेस और सहयोगी दलों ने बनाने की कोशिश की है, जिसको वो अपनी जीत मान रहे हैं.
बीजेपी विधायक उषा ठाकुर- विपक्ष की जिहादी और तालीबानी मानसिकता.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

