Bamanwas Mega Highway Update: राजस्थान के बामनवास और टोडाभीम क्षेत्र के लोगों के लिए खुशियों की मेगा हाईवे वाली सड़क अब गले की फांस बन गई है। करीब 100 करोड़ रुपए की भारी-भरकम लागत से बन रहा पाटोली से बामनवास हाईवे पिछले 3 सालों से अधूरा पड़ा है। हालत यह है कि जिस सड़क को अक्टूबर 2023 तक बनकर तैयार हो जाना चाहिए था, वहां आज सिर्फ धूल और उखड़ी हुई कंक्रीट नजर आती है। प्रशासन और विभागों की खींचतान का खामियाजा अब आम जनता को अपनी सेहत और समय गंवाकर भुगतना पड़ रहा है।

100 करोड़ का बजट, फिर भी 9 किलोमीटर का नरक
मामला सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के उस ड्रीम प्रोजेक्ट का है, जिसे पाटोली मोड़ से बंधावाड़ा तक कनेक्टिविटी सुधारने के लिए शुरू किया गया था। कुल 51.600 किलोमीटर की इस सड़क में से करीब 43 किलोमीटर का काम तो पूरा हो गया, लेकिन दलपुरा से रायसना के बीच की 9 किलोमीटर की सड़क ने पसीना छुड़ा रखा है। वन विभाग की एनओसी (NOC) न मिलने और दो किसानों द्वारा कोर्ट से स्टे लेने की वजह से काम पूरी तरह ठप पड़ा है। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुरानी सड़क खोदकर गिट्टी-मोरम डाल दी गई थी, जो अब हादसों का सबब बन रही है।
सांस लेना दूभर, उड़ती धूल से लोग बीमार
मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि हाईवे का काम रुकने से यहां ‘धूल के गुबार’ उड़ते रहते हैं। सड़क किनारे रहने वाले लोग सांस और अस्थमा जैसी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। वाहन चालकों का कहना है कि सड़क पर बिछी मोरम और कंक्रीट के कारण गाड़ियां स्लिप होती हैं और उड़ती धूल की वजह से सामने से आता वाहन दिखाई नहीं देता। घरों के अंदर धूल की मोटी परतें जम रही हैं, जिससे लोगों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है।
मजबूरी में 10 किमी का लंबा चक्कर
सड़क की बदहाली का आलम यह है कि बामनवास और लालसोट जाने वाले लोगों ने अब इस हाईवे से तौबा कर ली है। वाहन चालक अब ढहरिया, जीरना और सलावद जैसे वैकल्पिक रास्तों से होकर जा रहे हैं। खराब सड़क के झटकों से बचने के लिए लोग खुशी-खुशी 10 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय कर रहे हैं, लेकिन इस अधूरे हाईवे पर आने को तैयार नहीं हैं।
अधिकारियों का क्या है कहना?
PWD के सहायक अभियंता राजेंद्र मीना ने बताया कि मामला वन विभाग की अनुमति और कोर्ट के स्टे में अटका है। भारत सरकार के परिवेश पोर्टल पर दोबारा आवेदन किया गया है, जिसकी फाइल अभी प्रक्रिया में है। हाल ही में ग्रामीणों ने वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा को भी ज्ञापन सौंपकर जल्द से जल्द समाधान की मांग की है।
पढ़ें ये खबरें
- पाकिस्तान पर बरसीं भारत की बेटियां, 19-0 से रौंदकर सेमीफाइनल में पहुंची जूनियर हॉकी टीम
- कहीं मिलावट का खेल तो नहीं! पराग डेयरी के 2 क्विंटल दूध में निकलीं मरी मक्खियां और रबर जैसी परतें, प्रसिद्ध डांडिया मंदिर में हड़कंप
- रायपुर में सुयश हॉस्पिटल और सीसीए ने शुरू किया कैंसर सेंटर: एक ही जगह मिलेगी कैंसर के इलाज की कई सुविधाएं, उद्घाटन कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री समेत जनप्रतिनिधि हुए शामिल
- भारत के पास 190 परमाणु हथियार, 225 और बनाने की क्षमता! FAS रिपोर्ट में न्यूक्लियर ताकत को लेकर बड़ा दावा
- लोक निर्माण विभाग की बड़ी कार्रवाई, काम नहीं करने वाले 6 ठेकेदार ब्लैकलिस्टेड, दो के पंजीयन निरस्त


