राजधानी में पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए दिल्ली सरकार ने समाज के हर वर्ग की भागीदारी के साथ बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान शुरू करने की तैयारी तेज कर दी है। इस पहल के तहत मनजिंदर सिंह सिरसा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें 20 से अधिक शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस बैठक में स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और तकनीकी संस्थानों के साथ-साथ कई प्रमुख संस्थान शामिल रहे, जिनमें भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थान प्रमुख रहे।

बैठक में शिक्षा विभाग, वन एवं पर्यावरण विभाग और नागरिक एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर अभियान को सफल बनाने के लिए समन्वय और कार्ययोजना पर चर्चा की। सरकार का उद्देश्य इस अभियान के माध्यम से दिल्ली में हरित आवरण बढ़ाना, पर्यावरण संतुलन को मजबूत करना और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ना है। इस योजना के तहत दिल्ली में 22 विभागों के समन्वित प्रयासों से 70 लाख से अधिक पेड़, पौधे और झाड़ियां लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

शैक्षणिक संस्थानों की अहम भूमिका

बैठक को संबोधित करते हुए मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों को दिल्ली के ग्रीन मूवमेंट की “रीढ़” बनना होगा। उन्होंने जोर दिया कि छात्रों, शिक्षकों और प्रशासनिक कर्मचारियों को न केवल पौधारोपण में बल्कि उनकी लंबे समय तक देखभाल में भी सक्रिय रूप से शामिल किया जाए। इस अभियान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया सहित कई प्रमुख शैक्षणिक संस्थान भागीदारी कर रहे हैं। सिरसा ने बताया कि सरकार समाज के विभिन्न वर्गों से 8 लाख से अधिक लोगों की पहचान कर रही है, जिन्हें ‘मां के नाम’ और ‘मदर नेचर’ के नाम पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का विजन स्पष्ट है दिल्ली के हर नागरिक को स्वच्छ हवा और हरित वातावरण के लिए भागीदार बनाना।

वन विभाग के साथ MCD, NDMC और DDA लगाएंगे पौधे

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि इस अभियान के तहत सभी आवश्यक पौधे वन विभाग और MCD, NDMC तथा DDA के हॉर्टिकल्चर विंग द्वारा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। शैक्षणिक संस्थानों को अपने परिसरों में उपलब्ध स्थानों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें पौधों की प्रजाति, आवश्यक संख्या और प्रारंभिक चरण में लगाए जाने वाले पौधों की विस्तृत जानकारी सरकार को उपलब्ध करानी होगी। इस अभियान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। योजना के अनुसार, दिल्ली के सभी 13 जोनों के हॉर्टिकल्चर विंग, संबंधित वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि स्वयं पौधारोपण कार्य की निगरानी करेंगे और पौधों की नियमित देखभाल सुनिश्चित करेंगे। सरकार ने तय किया है कि पौधारोपण गतिविधियां जुलाई 2026 के पहले पखवाड़े में मानसून के दौरान शुरू की जाएंगी, ताकि पौधों के बेहतर विकास और उनके जीवित रहने की संभावना अधिक हो सके।

दिल्ली सरकार ग्रीन अवॉर्ड्स भी करेगी शुरू

मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पेड़ लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि हर स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय परिसर को पर्यावरणीय जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बनाना है। मंत्री ने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों में लगाए गए पेड़ न केवल वायु गुणवत्ता में सुधार करेंगे, बल्कि स्थानीय माइक्रो-क्लाइमेट को भी बेहतर बनाएंगे। साथ ही, यह छात्रों में रोजमर्रा की जिंदगी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में मदद करेगा। इस अभियान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे प्रमुख संस्थान भी शामिल हैं।

“ग्रीन अवॉर्ड्स” की शुरुआत

सरकार अब “ग्रीन अवॉर्ड्स” शुरू करने जा रही है, जिसके तहत उन व्यक्तियों और संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जो लगाए गए पौधों की सबसे बेहतर देखभाल करेंगे और उनके लंबे समय तक जीवित रहने को सुनिश्चित करेंगे। मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल यह नहीं देखेगी कि कितने पौधे लगाए गए, बल्कि यह भी आंका जाएगा कि उनकी देखभाल कितनी प्रभावी तरीके से की गई। उन्होंने कहा कि “ग्रीन स्कूल अवॉर्ड्स” के जरिए उन संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा जो पर्यावरण संरक्षण की वास्तविक जिम्मेदारी निभाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, इसके तहत ‘ग्रीन ड्राइव 2026-27’ पोर्टल के माध्यम से पूरी प्रक्रिया की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी।

हर पौधे की होगी जियो-फेंसिंग

इस पोर्टल पर पौधारोपण का पूरा विवरण, संस्थानों की भागीदारी और प्रगति की जानकारी नियमित रूप से अपलोड की जाएगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक लगाए गए पौधे की जियो-फेंसिंग की जाएगी, जिससे उसकी रियल-टाइम ट्रैकिंग संभव होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पौधों की स्थिति और वृद्धि पर लंबे समय तक नजर रखी जा सके। क्षेत्रीय अधिकारी, नागरिक एजेंसियां और वन विभाग के अधिकारी मिलकर शैक्षणिक संस्थानों के साथ सीधे समन्वय करेंगे। इससे पौधों की आपूर्ति, तकनीकी सहायता और पूरे अभियान का सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जाएगा। सरकार का मानना है कि डिजिटल तकनीक के उपयोग से न केवल पौधारोपण अभियान अधिक प्रभावी होगा, बल्कि इसकी दीर्घकालिक सफलता और पर्यावरणीय असर को भी बेहतर तरीके से मापा जा सकेगा।

दिल्ली में आ सकता है परिवर्तनकारी बदलाव

मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल हरित परिसर विकसित करना नहीं है, बल्कि पूरे शहर के लिए एक स्थायी हरित भविष्य तैयार करना है। उनका मानना है कि यह पहल दिल्ली को स्वच्छ और अधिक संतुलित पर्यावरण की दिशा में ले जाएगी। इस अभियान में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली, नेताजी सुभाष प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे प्रमुख संस्थान सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। सरकार का मानना है कि शैक्षणिक परिसरों के भीतर पर्यावरणीय गतिविधियों को शामिल करने से छात्रों और कर्मचारियों में दीर्घकालिक पर्यावरण जागरूकता मजबूत होगी। मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि यह पहल संस्थानों को स्वच्छ हवा, हरित जीवनशैली और सतत शहरी विकास के मिशन में सक्रिय भागीदार बनाएगी।

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