Krishna Bhushan Murder Case: बिहार के भागलपुर में कल मंगलवार (28 अप्रैल) को बेखौफ अपराधियों ने सुल्तानगंज नगर परिषद कार्यालय में घुसकर दिनदहाड़े कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण को गोलियों से भून डाला। इस घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बीच-बचाव करने आए नगर परिषद के सभापति राजकुमर उर्फ गुड्डू गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
तेजस्वी ने एनडीए सरकार पर बोला हमला
घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बिहार की एनडीए पर जमकर निशाना साधा है। तेजस्वी ने सोशल मीडिया एक्स पर घटना को सीसीटीवी फुजेट शेयर करते हुए लिखा- डबल इंजन पावर्ड सुशासनी गुंडे सरकारी दफ़्तर में घुसकर सरकारी अधिकारी पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर उसकी हत्या कर देते है।
‘𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे’
नेता प्रतिपक्ष ने आगे लिखा कि, 𝟐𝟏 साल से सत्ता में बैठे नकारे निकम्मे 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐒𝐭𝐚𝐧𝐝𝐚𝐫𝐝 के 𝐃𝐨𝐮𝐛𝐥𝐞 𝐅𝐚𝐜𝐞𝐝 सरकारी गुंडे अपने निजी गुंडों का बचाव करने के लिए अतार्किक गुंडई भाषा का प्रयोग कर 𝟐𝟏 साल के कुकर्मों को ढकने का प्रयास करते है। यही दोहरे चरित्र के सत्ताधारी गुंडे बिहार और बिहारी अस्मिता के सबसे बड़े दुश्मन है।
तेजस्वी यादव ने सवाल उठाते हुए पूछा कि, सरकारी अधिकारी की सरकारी कार्यालय में हुई हत्या पर सत्ता में बैठे गुंडे चुप क्यों है? क्या 𝐂𝐌 और दो-दो डिप्टी 𝐂𝐌 सरकारी हत्यारों की जाति खोजने में व्यस्त है या फिर आरोपियों को पाताल से खोजने वाले अपने उसी “घिसे-पिटे-𝐎𝐮𝐭𝐝𝐚𝐭𝐞𝐝-नीरस डायलॉग” की जुगाली करेंगे?
‘मारब सिक्सर के 6 गोली छाती में’
घटना के तुरंत बाद तेजस्वी यादव ने एक पोस्ट करते हुए एक्स पर लिखा था कि, 𝐁𝐢𝐠 𝐁𝐫𝐞𝐚𝐤𝐢𝐧𝐠:- भागलपुर में सरकारी अधिकारी की कार्यालय में ही गोली मारकर हत्या! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार चुनाव में “मारब सिक्सर की 𝟔 गोली छाती में”….गाकर भाजपाई गुंडों को खूब प्रोत्साहित किया था। अब तो उन अपराधियों का ही 𝐂𝐌 है। बीजेपी सरकार में हत्या होना अब मंगलराज की श्रेणी में आता है।
घटना का सीसीटीवी फुटेज आया सामने
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे तीन की संख्या में पहुंचे बेखौफ अपराधी एक के बाद एक करके कई सारी गोलियां दागनी शुरू कर देते हैं। इस दौरान कार्यालय में हड़कंप मच जाता है। हालांकि गोलीबारी के दौरान सभापति गुड्डू अकेले ही तीनों अपराधियों से भीड़ जाते हैं, इस दौरान उन्हें भी गोली लग जाती है। घटना को अंजाम देने के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो जाते हैं, जिसके बाद कार्यालय में मौजूद कर्माचारी आनन-फानन में घायल दोनों लोगों को लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, जहां डॉक्टरों ने EO कृष्ण भूषण को मृत घोषित कर दिया।
मंगलवार को संपन्न हुई थी नीलामी प्रक्रिया
मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार दोपहर के वक्त नगर परिषद कार्यालय में विज्ञापन ठेकों की नीलामी (डाक) प्रक्रिया संपन्न हुई थी। इसके तुरंत बाद EO कृष्ण भूषण अपने चैंबर में सभापति गुड्डू के साथ विभागीय चर्चा कर रहे थे। तभी एक बुलेट पर सवार तीन नकाबपोश अपराधी कार्यालय परिसर में घुसे और सीधे चैंबर में दाखिल होकर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दिया। इस घटना को लेकर बिहार की एनडीए सरकरा और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
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