कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ संदेश दिया है कि अब सिर्फ लक्ष्य तय करना काफी नहीं, बल्कि उन्हें तय समय में पूरा करना और लगातार समीक्षा करना अनिवार्य होगा। सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को 2030 तक के टारगेट साल-दर-साल टाइमलाइन के साथ तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का सीधा लाभ जनता तक पहुंचे, इसके लिए मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम जरूरी है।
बैठक में विभागीय 5-वर्षीय कार्यान्वयन रोडमैप की समीक्षा की गई और इसी दौरान “विजन टू एक्शन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस” प्लानिंग टूल भी लॉन्च किया गया। इस AI टूल के जरिए सभी विभागों के एक्शन प्लान को यूनिफॉर्म तरीके से ट्रैक किया जाएगा और सालाना लक्ष्यों की प्रगति आसानी से देखी जा सकेगी।
अधिकारियों ने बताया कि यह सिस्टम 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में हरियाणा के योगदान को मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले 5 साल बेहद अहम हैं और यदि योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जाए तो हरियाणा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत 2047 के विजन को पूरा करने में अग्रणी भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने नीति आयोग के साथ तालमेल बनाकर सुधारों को तेजी से लागू करने पर जोर दिया।
शिक्षा क्षेत्र पर विशेष फोकस करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि नई शिक्षा नीति के तहत 2047 तक सकल नामांकन अनुपात 50% तक पहुंचाया जाए, जो अभी 31% है। हर जिले में मॉडर्न संस्कृति महाविद्यालय स्थापित किए जाएंगे और 2028 तक इनके कैंपस तैयार होंगे। साथ ही, 50% कोर्स स्किल आधारित किए जाएंगे ताकि युवाओं को रोजगारपरक शिक्षा मिल सके। बेहतर प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालयों को 5-5 करोड़ रुपये की ग्रांट भी दी जाएगी।
इसके अलावा, प्रदेश में चार नए पॉलिटेक्निक संस्थान खोले जाएंगे और महिलाओं की तकनीकी शिक्षा दर को 17% से बढ़ाकर 33% करने का लक्ष्य रखा गया है। स्कूलों और कॉलेजों की हर महीने मॉनिटरिंग होगी और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत किया जाएगा।
उद्योग क्षेत्र में बड़ा लक्ष्य रखते हुए सरकार ने 2030 तक 5 लाख करोड़ रुपये निवेश और 5,000 से ज्यादा नए स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन का टारगेट तय किया है। सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 को 30 मई 2026 तक लागू किया जाएगा, जिससे उद्योगों को मंजूरी मिलने में लगने वाला समय 50% तक कम होगा। साथ ही MSME सेक्टर को मजबूत करने, लॉजिस्टिक्स सुधारने और ग्रीन इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।
सरकार PPP मॉडल के तहत वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगी।

जबकि युवाओं के लिए 100 स्किल सेंटर स्थापित कर रोजगार के नए अवसर पैदा किए जाएंगे। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की पहचान बढ़ाने के लिए रोड शो और निवेशक सम्मेलन भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे 2030 तक निर्यात दोगुना करने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि समय कम है और लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए सभी विभागों को समन्वय के साथ काम करते हुए जवाबदेही तय करनी होगी। उन्होंने कहा कि योजनाएं जमीन पर असर डालें, इसके लिए नियमित समीक्षा और मजबूत क्रियान्वयन जरूरी है।
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