भिलाईनगर। शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं बीएसपी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर चार लोगों से 16 लाख 15 हजार रुपए की धोखाधड़ी करने वाले आरोपी को भिलाईनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
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ग्रामीण एएसपी मणिशंकर चन्द्रा ने बताया कि 28 अप्रैल को उपासना देशमुख निवासी तितुरडीह ने थाना भिलाईनगर में रिपोर्ट दर्ज कराया कि आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं बीएसपी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर विभिन्न समय में फर्जी नियुक्ति पत्र एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रार्थिया एवं अन्य व्यक्तियों से कुल 16, 15000 रुपए की धोखाधड़ी की गई।
प्रकरण में धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी (34 वर्ष) निवासी एमआईजी 01/84 हुडको को चिन्हांकित कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी ने फर्जी जॉइनिंग लेटर एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छलपूर्वक धन अर्जित करना पाया गया।

आधार पंजीकरण शिविर का आयोजन कल से
भिलाईनगर। दुर्ग डाक संभाग द्वारा संभागीय स्तर पर आम नागरिकों के लिए समय प्रातः 10 बजे से सायं 4 बजे तक विभिन्न स्थानों पर आधार पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्र, एकता चौक, कैलाश नगर, राधा कृष्ण मंदिर, शास्त्री नगर, कैम्प- 1, भिलाई, कुम्हारी उपडाकघर में 02 मई को शिविर लगाया जाएगा। इस शिविर में यह सेवाएं उपलब्ध रहेंगी- नए आधार कार्ड का पंजीकरण, आधार कार्ड में सुधार / संशोधन, बायोमेट्रिक अपडेट । आवश्यक दस्तावेजों पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र आदि के साथ शिविर में आकर लाभ उठा सकते हैं।
टेल एरिया के तालाबों में पहुंचा नहर का पानी
रानीतराई। दक्षिण पाटन क्षेत्र के तालाबों में नहर का पानी छोड़ा गया। अब निस्तारी की समस्या खत्म हुई है। तांदुला सर्वेक्षण एवं अनुसंधान उपसंभाग 1 अंतर्गत आने वाले गांवों के तालाब अब लबालब भर गए हैं। इससे निस्तारी का संकट पूरी तरह समाप्त हो गया है।
भंसुली, जरवाय, बोरेंदा और कौहि असोगा जैसे अंतिम छोर के गांवों के तालाबों तक पानी पहुंच गया है। करीब 51 किलोमीटर की दूरी तय कर पानी दक्षिण पाटन क्षेत्र के 112 तालाबों को भरा है।
इस दौरान पानी की चोरी रोकने के लिए सिंचाई विभाग के उपयंत्री को सख्त कदम उठाने पड़े। नहर में अवैध रूप से पंप लगाकर पानी खींच रहे आधा दर्जन लोगों के पंप जप्त किए गए। अंतिम छोर तक सुचारु रूप से पानी पहुंच सका।
दो वर्ष बाद सड़क हादसे में मौत के मामले में अपराध दर्ज
भिलाईनगर। पाटन थाना अंतर्गत दो वर्ष पूर्व हुए सड़क हादसे में मृत व्यक्ति के मामले में पुलिस ने अब अपराध दर्ज किया है। मर्ग जांच पूर्ण होने के बाद 29 अप्रैल 2026 की शाम अज्ञात कार चालक के खिलाफ अपराध दर्ज किया है।
पाटन पुलिस ने बताया कि 5 अगस्त 2024 की शाम करीब 6 बजे दिलीप कुमार वर्मा अपनी स्कूटी से पाटन से अपने गांव खम्हरिया जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम खोरपा स्टेडियम के आगे पीछे से आ रही एक अज्ञात कार ने तेज गति और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी स्कूटी को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में गंभीर रूप से घायल दिलीप वर्मा को उपचार के लिए रायपुर के डीकेएस सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 9 अगस्त 2024 की सुबह 6 बजे उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद थाना गोलबाजार रायपुर में मर्ग कायम कर शव पंचनामा कार्रवाई की। चूंकि मूल घटना स्थल थाना पाटन क्षेत्र का था, इसलिए मामला पाटन थाना को स्थानांतरित किया गया। संपूर्ण जांच के आधार पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के विरुद्ध धारा 106 (1) बीएनएस एवं 184 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।
4 मई को भिलाई निगम क्षेत्र में प्रभावित रहेगी जलापूर्ति
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के 66 एमएलडी जलशोधन संयंत्र के सबस्टेशन में संधारण कार्य के लिए 5 घंटे शट डाउन की आवश्यकता है। संधारण कार्य 3 मई को कराया जाना है। इसके चलते 3 मई को प्रातः 6 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक 66 एमएलडी जलशोधन संयंत्र पूर्णतः बंद रहेगा। ऐसे में 4 मई को निगम भिलाई क्षेत्र के खम्हरिया, नेहरू नगर, फरीद नगर एवं निगम रिसाली क्षेत्र के नेवई, रूवाबांधा, रिसाली में आंशिक रूप से जलआपूर्ति प्रभावित रहेगी।
निगम कार्यालय को कबाड़ मुक्त कर आयुक्त ने
भिलाईनगर। उप मुख्यमंत्री व नगरीय प्रशासन मंत्री अरूण साव के निर्देश का पालन करने रिसाली निगम बेहद संजीदा है। आयुक्त मोनिका वर्मा पहल करते रिसाली निगम कार्यालय को कबाड़ मुक्त कराने में सफल हुई हैं। कबाड़ से ही निगम को 12 लाख की आय हुई है।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री ने 20 अप्रैल को समीक्षा बैठक करते निर्देश दिए थे कि कार्यालय में अनुपयोगी वस्तु को हटाए । विधिवत कायर्वाही कर कबाड़ को बेचे। इस बैठक के बाद आयुक्त मोनिका वर्मा ने बिना देरी किए औपचारिकता पूरी कर कार्यालय के अलग-अलग स्थानों में रखे कबाड़ को निलामी प्रक्रिया के तहत हटाने की प्रक्रिया पूरी की।
इस प्रक्रिया में कबाड़ से ही निगम को 12 लाख रूपए की आय हुई है। खास बात यह है कि आयुक्त ने पहले से कबाड़ में रखे सामानों को सूचीबद्ध करा लिया था। आयुक्त ने ऑनलाईन निलामी प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी राजस्व विभाग एवं टैक्स प्रभारी रवि श्रीवास्तव को दी थी।
निगम समान्य सभा में हंगामे के बीच महिला सशक्तिकरण बिल बहुमत से पारित
राजनांदगांव। नगर निगम कार्यालय के सभा कक्ष में गुरुवार को समान्य सभा की बैठक आयोजित की गई थी। सामान्य सभा की बैठक में जमकर हंगामा देखने को मिला। सत्ता पक्ष और कांग्रेसी पार्षदों के बीच जमकर नोक-झोक की स्थिति बनी रही।
नगर पालिक निगम सामान्य सभा की बैठक पूर्वान्ह 11:30 बजे से नगर निगम के सभागृह में यह बैठक आहुत की गई। कुल 3 विषयों पर चर्चा की गई। महिला सशक्तिकरण का बिल जहां बहुमत से पारित हुआ तो वहीं अन्य दो विषय भी सर्व सम्मति से पारित कर लिए गए। देर शाम तक बैठक चलती रही।
सामान्य सभा की बैठक के प्रारंभ में लोक सेवा केन्द्र से प्राप्त सामाजिक सुरक्षा पेशन के आवेदन की स्वीकृति के संबंध में चर्चा कराई गई। इस दौरान कांग्रेसी नेताओं ने जमकर नाराजगी जताई। सर्वसम्मति से विषय पारित कर लिया गया। उसके बाद द्वितीय विषय के रूप में वर्ष 2026-27 में निगम सीमाक्षेत्र में संपत्तिकर की दरो में एम.आ.आई.सी द्वारा संशोधित दर पर दी गयी स्वीकृति की पुष्टि पर चर्चा कराई गई।
इस विषय को लेकर भी कांग्रेसियों ने जमकर हल्ला बोल । चर्चा उपरांत इस विषय को भी सर्वसम्मति से आखिर पारित कर लिया गया। इसके बाद अंतिम विषय के रूप में महिला सशक्तिकरण के जन जागरूकता अभियान अंतर्गत कार्यक्रम की महत्ता पर चर्चा की गई। देर शाम तक चले चर्चा के बाद इस विषय को भी बहुमत से पारित कर लिया गया ।
जिले के वन क्षेत्र में आज से तेंदूपत्ता की तोड़ाई
राजनांदगांव। जिले के वन क्षेत्र में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने के लिए वन विभाग द्वारा इस वर्ष 638 फड की व्यवस्था सुनिश्चित कर दी गई है जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित राजनांदगांव द्वारा तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित किया जाएगा। एक मई से तेंदूपत्ता की तोड़ाई शुरू की जाएगी, जिसकी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
समिति प्रबंधकों के काम पर लौटने से वन विभाग को राहत मिलेगी। तेंदूपत्ता का संग्रहण सुनिश्चित कराने के लिए कुल 49334 संग्राहकों को जोड़ने की तैयारी की गई है। इस वर्ष बारिश नहीं होने के कारण अच्छी क्वालिटी का तेंदूपत्ता बताया जा रहा है।
ज्ञात हो कि राजनांदगांव वन मंडल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मोहला. मानपर, अंबागढ़ चौकी पाना बरस, आंधी, डोगर गांव, अर्जुनी, छुरिया चिचोला, बागनदी, डोंगरगढ़ से लगे वन क्षेत्र सहित आसपास के जंगली क्षेत्रों में तेंदूपत्ता का अधिक से अधिक संग्रहण सुनिश्चित करने का कार्य किया जाएगा। जिसकी तैयारियां विभाग द्वारा पूर्ण कर ली गई है।
विभाग द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक, वर्ष 2026 तेंदूपत्ता संग्रहण में प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों की संख्या 50 रखी गई है। लॉट 639 इकाई संख्या 51 बनाई गई है। संग्रहण केन्द्रों की संख्या ( फड़ संख्या) तैयार किए गए हैं। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता संग्रहण लक्ष्य 80800 मानक बोरा रखा गया है। वर्ष 2026 में तेंदूपत्ता का संग्रहण दर 5500 रुपए प्रति मा.बो. शासन द्वारा निर्धारित किया गया है। तेंदूपत्ता संग्राहकों की संख्या वर्ष 2025 के आधार पर – 49334 रखी गई है।
नेटवर्क मार्केटिंग करने वाला व्याख्याता निलंबित
राजनांदगांव। शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही बरतने और आचरण नियमों के विरुद्ध व्यावसायिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के आरोप में दुर्ग संभाग आयुक्त सत्य नारायण राठौर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, घुमका (राजनांदगांव) में पदस्थ व्याख्याता सहदेव बारले को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
ज्ञात हो कि बारले पर आरोप था कि उन्होंने शिक्षण कार्य छोड़कर एलआईसी एजेंट के रूप में कार्य करने, क्रिप्टो करेंसी और नेटवर्क मार्केटिंग जैसी गतिविधियों में सक्रिय रहने के साथ-साथ ‘मनी बैंक’ योजना के तहत निवेश के लिए सोशल मीडिया पर स्टेटस लगाकर लोगों को प्रेरित किया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय विकास खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, छुईखदान (जिला खैरागढ़- छुईखदान-गंडई) निर्धारित किया गया है।
निलंबन की अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी। उल्लेखनीय है कि जांच प्रतिवेदन के अनुसार, श्री बारले के विरुद्ध शिकायत मिलने पर संभागीय संयुक्त संचालक (शिक्षा) द्वारा गंभीरता से जांच कराई गई थी। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि वे न केवल एलआईसी एजेंट के रूप में कार्य कर रहे थे, बल्कि नेटवर्क मार्केटिंग की बैठकों में भी शामिल होते थे।
इसके अतिरिक्त, शिकायतकर्ता के पुत्र द्वारा यह भी अवगत कराया गया कि बारले ने एक निजी कंपनी में लाखों रुपये निवेश करने हेतु प्रेरित किया था, जिसमें पैसा डूब जाने के कारण मानसिक तनाव के चलते संबंधित व्यक्ति का निधन हो गया। प्रकरण के सूक्ष्म परिशीलन में पाया गया कि बारले शासकीय सेवा में आने के बाद भी लगभग 12 वर्षों तक एलआईसी एजेंट के रूप में सक्रिय रहे, जिसे उन्होंने स्वयं भी स्वीकार किया है। इसके साथ ही बारले पर शाला विकास एवं प्रबंधन समिति के नियमों की अनदेखी करने का भी गंभीर आरोप है।
उन्होंने समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्यों को दरकिनार कर अपनी मर्जी से समानांतर बैठकें आयोजित कीं और स्वैच्छाचारिता दिखाते हुए कनिष्ठ व्याख्याता होने के बावजूद स्वयं को प्रभारी प्राचार्य बनाने हेतु पत्राचार किया। संभाग आयुक्त राठौर ने इन कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 03 और नियम 16 के विपरीत मानते हुए यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की है।
संस्कारधानी की प्यास बुझाने मोंगरा बैराज से पानी लेने की तैयारी
राजनांदगांव। शहर वासियों को भरपूर पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मटिया मोती से भी नियमित रूप से पानी लिया जा रहा है। संस्कारधानी राजनांदगांव जिला मुख्यालय में पानी की खपत बढ़ जाने के बाद पूर्व में मोगरा बैराज से पानी लिया जा चुका है। मोगरा बैराज से पानी आ जाने के बाद से शिवनाथ नदी पर बनाए गए एनीकट में पर्याप्त पानी की व्यवस्था भी है।
नगर निगम के आधिकारिक सूत्रों की माने तो प्रतिदिन ढाई फीट नीचे पानी पहुंच रहा है । जिस पर पूरी तरह से नजर रखी जा रही है। पानी की कमी ना हो इसके लिए अब फिर से मोगरा बैराज से 500 एमसीएफटी पानी लेने की तैयारी की जा रही है। भीषण गर्मी पढ़ने के चलते मोगरा जलाशय से पानी लिया गया है। खास बात यह है कि बीते वर्ष अप्रैल माह में मोगरा से पानी की जरूरत पड़ी थी।
इस साल निगम प्रशासन द्वारा मार्च के आखिरी सप्ताह में जलसंसाधन विभाग को पत्र लिखकर पानी छोड़ने की मांग की गई थी। डिमांड के आधार पर पानी भी लिया जा रहा है, लेकिन खपत अधिक होने से पानी पानी की कमी भी हो रही हैं। निगम अधिकारियों की माने तो मई के प्रथम सप्ताह में पानी लिया जा सकता है।
मिली जानकारी के मुताबिक, मोगरा जलाशय में लगभग 50 फीसदी पानी रिजर्व रखा गया है। राजनांदगांव नगर निगम द्वारा डिमांड करने के बाद 9 से 10 मिलियन घन मीटर पानी बैराज से पूर्व में ही छोड़ा गया था। बताया जा रहा है कि बैराज में वर्तमान में 16.06 मिलियन घन मीटर पानी सुरक्षित रखा गया है।
मोगरा बैराज के पानी से राजनांदगांव शहर को गर्मी में होने वाली पेयजल संकट से निपटने में काफी मदद मिलती है। वर्तमान में प्रतिदिन साढे चार करोड़ लीटर पानी की खपत हो रही है। एनीकट मैं प्रतिदिन 2 इंच पानी कम हो रहा है। ऐसे में नगर निगम द्वारा आने वाले दिनों में फिर से मोगरा पर आज से पानी लेने की तैयारी की जा रही है। निगम सूत्रों की माने तो मई महीने के प्रथम सप्ताह में पानी लिया जा सकता है।
दो बार मोगरा बैराज से पानी लेने का है प्रावधान
नगर निगम के अधिकारी सूत्रों की माने तो गर्मी के सीजन में दो बार पानी बैराज से लिया जाता है। मोगरा बैराज का पानी शहर की प्यास बुझाने में काफी सहायक रहा है। यही कारण है कि बैराज के पानी को प्रतिवर्ष ग्रीष्मकाल में एक निश्चित मात्रा में रिजर्व रखा जाता है। शिवनाथ नदी में पानी कम होने के करण मार्च के महीने में ही मांग किए जाने के बाद से जल संसाधन विभाग द्वारा पानी की व्यवस्था सुनिश्चित कराई जा रही है।
प्रभावित वार्डों में दौड़ रहे हैं टैंकर
प्रभावित क्षेत्रों में टैंकर भी दौड़ाएं जा रहे हैं। पानी की खपत बढ़ने लगी है। फिलहाल पेयजल संकट लगातार गहराने लगा है। यही कारण है कि नगर निगम द्वारा पानी की कमी ना हो उसके पहले ही मोगरा बैराज से पानी ले लिया गया है। प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की व्यवस्था भी कराई जा रही है। शहर के प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों से पेयजल संकट को दूर करने के लिए पानी की आपूर्ति की जा रही है। एक जानकारी के मुताबिक शहर के अलग-अलग इलाकों में टैंकरों से 40 से 50 ट्रिप पानी की सप्लाई की जा रही है।
मुतेड़ा सरपंच के खिलाफ पंचों ने लाया अविश्वास प्रस्ताव
खैरागढ़। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत अविश्वास प्रस्ताव मुतेड़ा में पंचायत की कार्यप्रणाली को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच गीतांजलि देवांगन के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में पंचों ने एसडीएम टंकेश्वर प्रसाद साहू को हस्ताक्षरयुक्त आवेदन सौंपा है।
पंचों ने आवेदन में पंचायत संचालन में पारदर्शिता की कमी विकास कार्यों में नियमितता तथा जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पंचायत के महत्वपूर्ण निर्णय बिना पंचों की सहमति के लिए जा रहे हैं जिससे निर्वाचित प्रतिनिधियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
जानकारी के मुताबिक, 27 अप्रैल को ग्राम पंचायत के 17 वार्ड पंचों ने संयुक्त रूप से आवेदन प्रस्तुत कर नियमानुसार यत बैठक बुलाने और अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराने की मांग की है। आवेदन के बाद पंचायत की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और गांव में लगातार बैठकों का दौर जारी है।
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