पानीपत: आज छात्र संगठन इंडियन नेशनल स्टूडेंट ऑर्गेनाइजेशन (इनसो) के छात्र नेता बलराज देशवाल और इनसो के राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र जैलदार के नेतृत्व में छात्रों ने राजकीय महिला कॉलेज, मतलौड़ा को सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) में बदलने के फैसले के विरोध में तहसीलदार मनोज कुमार को शिक्षामंत्री और जिला उपायुक्त के नाम ज्ञापन सौंपा।
इस मौके पर छात्र नेताओं ने कहा कि राजकीय महिला कॉलेज, मतलौड़ा क्षेत्र की बेटियों की शिक्षा का एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां वर्तमान में करीब 1400 छात्राएं पढ़ाई कर रही हैं। यह कॉलेज लगभग 64 गांवों की छात्राओं के लिए उच्च शिक्षा का सुरक्षित और सुलभ माध्यम बना हुआ है।
इनसो नेताओं ने कहा कि यदि इस कॉलेज को सह-शिक्षा में बदला गया, तो ग्रामीण क्षेत्रों के कई अभिभावक अपनी बेटियों को कॉलेज भेजने में हिचकिचाएंगे, जिससे छात्राओं की शिक्षा पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
छात्र नेताओं का कहना है कि सरकार को बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महिला कॉलेजों को और मजबूत करना चाहिए, न कि उनका स्वरूप बदलना चाहिए।
छात्र नेता बलराज देशवाल ने कहा कि महिला कॉलेज को सह-शिक्षा में बदलना क्षेत्र की बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय महासचिव राजेंद्र जैलदार ने चेतावनी दी कि यदि निर्णय वापस नहीं लिया गया, तो इनसो बड़े स्तर पर आंदोलन करेगा।
छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि राजकीय महिला कॉलेज, मतलौड़ा को पहले की तरह महिला कॉलेज ही बनाए रखा जाए, ताकि क्षेत्र की बेटियों को सुरक्षित और बेहतर शिक्षा मिलती रहे। इस दौरान अमन, जितेंद्र खर्ब, वंश टूर, पंकज शर्मा, प्रमोद सहित अन्य छात्र मौजूद रहे।

