लखनऊ। सीएम योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि पेयजल, सिंचाई और राहत प्रबंधन में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कहीं भी पेयजल की कमी न हो—पाइप्ड योजनाओं के साथ टैंकर जैसी वैकल्पिक व्यवस्थाएं भी पूरी तरह तैयार रखी जाएं।
बदलते मौसम को देखते हुए सतत निगरानी रखें
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि प्रजापति समाज एवं पारंपरिक कुम्हार शिल्पकारों को तालाबों से निकली मिट्टी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनके आजीविका को बढ़ावा मिल सके। बदलते मौसम को देखते हुए सतत निगरानी रखने और आवश्यकता पड़ने पर 15 जून से 30 जुलाई के बीच सूखाग्रस्त घोषित करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया। अर्ली वेदर वार्निंग सिस्टम को मजबूत कर मौसम संबंधी जानकारी समय पर आमजन और किसानों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
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मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया कि शासन से लेकर जनपद स्तर तक 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय रहें और मुख्यमंत्री कार्यालय, मुख्य सचिव व डीजीपी को लगातार जानकारी मिलती रहे। साथ ही 30 मई तक नहरों, तालाबों और पोखरों की डी-सिल्टिंग हर हाल में पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
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