पटना। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कुल 219.51 किलोमीटर लंबी सड़कों के निर्माण का निर्णय लिया गया है। इन परियोजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के विभिन्न हिस्सों के बीच सुगम आवागमन सुनिश्चित करना और राजधानी पटना पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना है। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) को इन प्रोजेक्ट्स की डीपीआर (DPR) तैयार करने और सलाहकार नियुक्त करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

​गंगा-अंबिका पथ: उत्तर और दक्षिण बिहार का नया सेतु

​वैशाली के बिदुपुर से दिघवारा तक बनने वाला 56 किलोमीटर लंबा ‘गंगा-अंबिका पथ’ इस योजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है।

  • ​महत्वपूर्ण जुड़ाव: यह पथ प्रस्तावित हरिहरनाथ कॉरिडोर, सोनपुर एयरपोर्ट और पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स को आपस में जोड़ेगा।
  • ​ब्रिज कनेक्टिविटी: इसकी खास बात यह है कि यह गंगा नदी पर बने महात्मा गांधी सेतु, जेपी सेतु, और बिदुपुर-कच्चीदरगाह पुल के साथ-साथ निर्माणाधीन शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल से भी सीधा संपर्क स्थापित करेगा।

​विश्वामित्र पथ: बक्सर से पटना की राह होगी आसान

​बक्सर से आरा होते हुए मनेर तक 90 किलोमीटर लंबा ‘विश्वामित्र पथ’ बनाया जाएगा।

  • ​यह सड़क पटना के जेपी गंगा पथ से जुड़ेगी, जिससे बक्सर से पटना आने वाले यात्रियों को शहर के जाम में फंसे बिना सीधे प्रवेश मिलेगा।
  • ​यह पथ वाराणसी (उत्तर प्रदेश) की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए भी एक मील का पत्थर साबित होगा, जिससे यात्रा के समय में भारी कटौती होगी।

​आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

​इन सड़कों के निर्माण से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सुदूर इलाकों के किसानों और व्यापारियों को अपनी उपज और सामान बड़े बाजारों तक पहुंचाने में आसानी होगी। उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच बेहतर कनेक्टिविटी से राज्य के औद्योगिक और पर्यटन विकास को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।