केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने करनाल के 40 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसका लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाना है।
कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों की सूरत बदलने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपने करनाल दौरे के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि जिले के 40 गांवों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत ‘मॉडल गांव’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मिशन को गति देने के लिए उन्होंने अधिकारियों, सरपंचों और ग्रामीण जनप्रतिनिधियों के साथ सिलसिलेवार तीन बैठकें कीं। मनोहर लाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास की योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनका वास्तविक लाभ धरातल पर आम ग्रामीणों को मिलना चाहिए।
बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और बजट की उपलब्धता
मॉडल गांव योजना के तहत चयनित गांवों में आधुनिक सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, इन गांवों में ग्राम सचिवालय, व्यायामशाला, शिवधाम, स्ट्रीट लाइट, ई-लाइब्रेरी, बेहतर स्कूल और सीवरेज प्रणाली जैसी नागरिक सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने पंचायतों को भरोसा दिलाया कि विकास कार्यों के लिए बजट की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार के फंड के साथ-साथ सांसद निधि, विधायक निधि और कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड का भी उपयोग किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने पंचायतों को अपनी आय के स्रोत बढ़ाने के लिए वार्षिक बजट तैयार करने का सुझाव भी दिया।
‘विकसित हरियाणा’ का विजन और भविष्य का लक्ष्य
मनोहर लाल खट्टर ने दोहराया कि 40 गांवों का यह पायलट प्रोजेक्ट सफल होने के बाद जिले की सभी 395 ग्राम पंचायतों को इसी तर्ज पर बुनियादी सुविधाओं से लैस किया जाएगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-विकसित हरियाणा’ के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि सुशासन का असली अर्थ तभी सार्थक है जब इसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचे। सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे। इसके साथ ही, पुराने कार्यों की समय पर मरम्मत और निरंतर निगरानी के लिए भी पुख्ता तंत्र विकसित किया जा रहा है।

