Rajasthan News: सरहदी जिले श्रीगंगानगर में इन दिनों सियासी और प्रशासनिक गलियारों में जबरदस्त उबाल है। मामला कोई छोटा-मोटा नहीं, बल्कि सीधे जनता के प्रतिनिधि यानी विधायक और सरकारी इंजीनियरों के बीच हुई हाथापाई का है।

शनिवार को सरकार की ओर से गठित जांच टीम के मुखिया और सचिव रवि जैन खुद श्रीगंगानगर पहुंचे, तो मानों पूरे कलेक्ट्रेट में हड़कंप मच गया। विधायक और अधिकारियों के बीच मचे इस घमासान ने अब सरकार की साख और प्रशासनिक अनुशासन दोनों को कठघरे में खड़ा कर दिया है।

विधायक और इंजीनियर के अपने-अपने दावे

पूरा मामला उस वक्त उलझ गया जब दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट का आरोप लगा दिया। बीजेपी विधायक जयदीप बिहाणी का कहना है कि जनसुनवाई के दौरान तीन अधिकारियों ने उनके साथ बदतमीजी और मारपीट की। वहीं दूसरी तरफ, एईएन (AEN) जगनलाल बैरवा ने अपनी फटी कमीज और चेहरे पर चोट के निशान दिखाते हुए रो-रोकर आपबीती सुनाई है। बैरवा का आरोप है कि विधायक और उनके समर्थकों ने उन पर जानलेवा हमला किया। अब आलम यह है कि शहर में चर्चा है कि आखिर पहले हाथ किसने उठाया?

CCTV फुटेज गायब या साजिश?

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात जो सामने आई है, वो है सीसीटीवी फुटेज का रहस्य। घटनास्थल पर कैमरे तो लगे थे, लेकिन प्रशासन के पास फिलहाल कोई ऐसा वीडियो नहीं है जिससे सच का पता चल सके। विधायक बिहाणी ने तो यहां तक कह दिया कि इंजीनियर को उनके ही साथियों ने पीटकर चोटें बनाई होंगी। उन्होंने सवाल दागा कि अगर इंजीनियर का चश्मा टूटा है, तो उसकी जांच क्यों नहीं हो रही? सूत्रों की मानें तो पुलिस और प्रशासन अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहे हैं कि कहीं फुटेज के साथ कोई छेड़छाड़ तो नहीं की गई।

सचिव रवि जैन की दो टूक

जांच कमेटी की कमान संभाल रहे सचिव रवि जैन ने कलेक्टर डॉ. अमित यादव और एसपी हरिशंकर की मौजूदगी में दोनों पक्षों से बंद कमरे में घंटों बात की। उन्होंने साफ कर दिया है कि रिपोर्ट जल्द ही सरकार को सौंपी जाएगी। जैन ने यह भी माना कि इलाके में विकास कार्यों को लेकर लोगों में काफी नाराजगी है, जिसकी वजह से तनाव बढ़ा। फिलहाल, पुलिस ने एक अधिकारी को हिरासत में ले रखा है और जांच की सुई अब उन साक्ष्यों की ओर घूम गई है जो इस विवाद की असली तस्वीर पेश करेंगे।

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