इन्द्रपाल सिंह, इटारसी। प्रदेश में बढ़ते तापमान के बीच मौसम ने ऐसी करवट ली की पूरा शहर अस्त व्यस्त हो गया। महज आधे घंटे चली तेज आंधी और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बेहाल कर दिया। इस दौरान सड़कों पर अफरा तफरी मच गई और कई जगह बिजली आपूर्ति ठप हो गई। वहीं इस तूफान का असर इटारसी शहर में आयोजित उत्सव मेला में देखने को मिला।
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ताश के पत्तों की तरह ढहा भव्य द्वार
मेले का मुख्य आकर्षण, जो दिल्ली के लाल किले की थीम पर बनाया गया था, इस तूफान की भेंट चढ़ गया। करीब 400 फीट चौड़ा और 25 फीट ऊंचा यह भव्य गेट तेज हवाओं के दबाव को झेल नहीं सका और देखते ही देखते मलबे में तब्दील हो गया। मेला समिति के अनुसार इस प्रवेश द्वार को अहमदाबाद और कोलकाता के विशेष कारीगरों ने दो महीने की कड़ी मेहनत से तैयार किया था। इसे बनाने में लगभग 12 से 15 लाख रुपये की लागत आई थी।
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क्या फिर शुरू होगा मेला?
मेला समिति फिलहाल नुकसान का आकलन करने और मैदान से मलबा हटाने के काम में जुटी है। आयोजकों ने उम्मीद जताई है कि व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने में 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। हालात सामान्य होते ही मेले को दोबारा शुरू करने की योजना है, लेकिन इस तबाही ने आयोजकों को भारी आर्थिक चपत लगाई है।

