हिसार। हिसार से चंडीगढ़ के बीच शुरू की गई ट्रेन को लगभग एक साल पूरा हो चुका है, लेकिन यात्रियों की संख्या में कोई खास बढ़ोतरी नहीं देखी जा रही है। शुरुआत में बड़े उत्साह के साथ शुरू हुई इस सेवा से लोगों को बेहतर रेल सुविधा मिलने की उम्मीद थी, लेकिन वर्तमान स्थिति इसके उलट नजर आ रही है।


यह ट्रेन अब भी औसतन केवल 20 से 25 यात्रियों के साथ ही चल रही है, जैसा कि शुरुआत के समय था। इसे 2 मई 2025 को Hisar के रायपुर रेलवे स्टेशन से रवाना किया गया था।
उस समय स्थानीय विधायक सावित्री जिंदल ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को शुरू किया था। लोगों को उम्मीद थी कि इससे हिसार और आसपास के क्षेत्रों से चंडीगढ़ की यात्रा आसान और सुविधाजनक हो जाएगी, लेकिन अपेक्षित उपयोग नहीं बढ़ सका।


कम उपयोग के प्रमुख कारण
0 यात्रियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, ट्रेन की सबसे बड़ी समस्या इसका समय है। यह ट्रेन रात करीब 2:25 बजे चलती है, जो आम यात्रियों के लिए काफी असुविधाजनक है।
0 इसके अलावा, ट्रेन का संचालन हिसार मुख्य रेलवे स्टेशन की बजाय रायपुर स्टेशन से किया जा रहा है, जो शहर से लगभग 10 किलोमीटर दूर है। वहां तक पहुंचने में समय भी लगता है और परेशानी भी होती है।
0 सुरक्षा को लेकर भी लोगों में चिंता बनी हुई है, क्योंकि स्टेशन तक जाने वाला रास्ता रात में सुनसान रहता है और पहले भी इस इलाके में कुछ आपराधिक घटनाएँ सामने आ चुकी हैं। इसी कारण कई यात्री इस सेवा का उपयोग करने से बच रहे हैं।


स्थानीय मांग और सुझाव
हिसार रेल वेलफेयर एसोसिएशन ने मांग की है कि इस ट्रेन को रायपुर स्टेशन की बजाय सीधे हिसार रेलवे स्टेशन से चलाया जाए। उनका कहना है कि मुख्य स्टेशन से संचालन होने पर न केवल यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि सुरक्षा भी बेहतर होगी और यात्रियों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

वर्तमान परिस्थितियों में यह ट्रेन अपनी क्षमता के अनुसार यात्रियों को आकर्षित नहीं कर पा रही है। यदि समय और संचालन स्थल में बदलाव किया जाए, तो इसके उपयोग में सुधार की संभावना जताई जा रही है।