​पटना। राजधानी के बहुचर्चित जेठुली हत्याकांड में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। करीब तीन साल से फरार चल रहे 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी पप्पू कुमार उर्फ पप्पू राय को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने फतुहा एसडीपीओ कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस (PC) के दौरान इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की।

​क्या था पूरा मामला?

​यह खूनी संघर्ष 19 फरवरी 2023 की शाम को नदी थाना क्षेत्र के जेठुली गांव में शुरू हुआ था। विवाद की वजह बेहद मामूली थी पार्किंग और रास्ते में गिट्टी-बालू गिराना। गांव के दबंग उमेश राय और उसके परिजनों का विवाद दिलीप कुमार के भतीजे बिट्टू कुमार के साथ हुआ। देखते ही देखते यह बहस हिंसक हो गई और गोलियां चलने लगीं।

​खूनी संघर्ष और 4 लोगों की मौत

​आरोप है कि उमेश राय, बच्चा राय, रामप्रवेश राय और रमेश राय जैसे रसूखदार लोगों ने अपने गुर्गों के साथ मिलकर अंधाधुंध फायरिंग की। इस भीषण गोलीबारी में गांव के 4 लोगों की जान चली गई थी। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था। आक्रोशित भीड़ ने आरोपियों के घर, कम्युनिटी हॉल और गोदामों को आग के हवाले कर दिया था। घटना के बाद नदी थाने में हत्या (धारा 302), आर्म्स एक्ट और दंगा भड़काने जैसी गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

​STF और पुलिस की गुप्त छापेमारी

लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार जाल बिछा रही थी। ग्रामीण एसपी कुंदन कुमार ने बताया कि विशिष्ट आसूचना इकाई (SIU) पटना के सहयोग से पुलिस को पप्पू राय के बेऊर इलाके में होने की गुप्त सूचना मिली थी। इसी आधार पर मंगलवार को छापेमारी कर उसे दबोच लिया गया।

​बांसतल मारपीट और हत्याकांड में भी कार्रवाई

​प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ने एक और महत्वपूर्ण गिरफ्तारी की जानकारी दी। 1 फरवरी 2026 को ग्राम बांसतल में पैसे के लेनदेन को लेकर हुई मारपीट के बाद अमित कुमार नामक युवक लापता हो गया था, जिसका शव 5 फरवरी को गंगा नदी से मिला। इस मामले के आरोपी संजय राय को भी पुलिस ने उसकी दुकान से गिरफ्तार कर लिया है।
​इन सफल कार्रवाइयों में इंस्पेक्टर सुमन कुमार, थानाध्यक्ष सद्दाम हुसैन, और एसआई विवेक कुमार समेत विशिष्ट इकाई के अधिकारियों की मुख्य भूमिका रही।