चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में लगातार भूचाल आता हुआ नजर आ रहा है. हाल ही में आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सात सांसदों को लेकर अभी भी सियासी घमासान चल रहा है। इस बीच आज सांसद राघव चड्ढा और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राष्ट्रपति से मुलाकात कर अपना पक्ष रहा। राघव चड्ढा अपने तीन साथी सांसदों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।
राष्ट्रपति से मिलने के बाद राघव चड्ढा ने सोशल मीडिया के एक्स प्लेटफार्म पर लिखा, ‘माननीय राष्ट्रपति से मिलकर मुझे बहुत गर्व महसूस हुआ।’ उन्होंने कहा, हमने उन्हें बताया कि कैसे आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार, राज्य की मशीनरी का दुरुपयोग करके हमें निशाना बना रही है, सिर्फ इसलिए कि हमने अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने का फैसला किया। जिस पार्टी ने कभी बदले की राजनीति का रोना रोया था, आज वही पार्टी बदले की राजनीति का सबसे ज़हरीला रूप अपना रही है। राष्ट्रपति महोदय के इस आश्वासन से हमें बल मिला है कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतांत्रिक विकल्पों का सम्मान किया जाना चाहिए। आज आम आदमी पार्टी एक राजनीतिक दल की तरह कम, और किसी और ही चीज की तरह ज्यादा व्यवहार कर रही है।- राघव चड्ढा, राज्यसभा सांसद
आप को लगा था बड़ा झटका

आपको बता दें कि अप्रैल का अंत में पंजाब की आम आदमी पार्टी को झटके देने वाला रहा। पार्टी के 10 में से सात राज्यसभा सांसदों ने आम आदमी पार्टी छोड़ने का एलान किया था। इनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, संदीप पाठक, हरभजन सिंह, राजेंद्र गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल शामिल थे। इन सभी ने अब भाजपा ज्वाइन कर ली है। इन सांसदों ने आरोप लगाया था कि पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी नैतिक आदर्शों से भटक गई है। AAP छोड़ने वाले इन सात सांसदों में से छह पंजाब से थे, जबकि स्वाति मालीवाल पंजाब से नहीं थीं।
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