राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले से एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई, जहां पद्मश्री से सम्मानित समाजसेवी फूलबासन बाई यादव के अपहरण की कोशिश को पुलिस की मुस्तैदी ने नाकाम कर दिया। खुद फूलबासन यादव ने पुलिस का आभार जताते हुए कहा कि “आज मैं सुरक्षित हूं तो इसका पूरा श्रेय पुलिस की सतर्कता और लगातार चलाए जा रहे चेकिंग अभियान को जाता है।”

घटना सुकुल देहान क्षेत्र की है, जहां सुबह करीब साढ़े 10 बजे कुछ लोग उनके घर पहुंचे और एक दिव्यांग लड़की के साथ फोटो खिंचवाने का बहाना बनाकर उन्हें बाहर बुलाया। मानवता के नाते जैसे ही वे घर से बाहर आईं, आरोपियों ने उन्हें जबरन कार में बैठाकर ले जाने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि रास्ते में उनका मुंह बांधकर आरोपी नेशनल हाईवे की ओर भाग रहे थे।

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इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा चलाए जा रहे वाहन चेकिंग अभियान ने पूरी घटना का रुख बदल दिया। संदिग्ध स्कॉर्पियो वाहन को रोकते ही फूलबासन यादव ने हिम्मत दिखाते हुए इशारों में पुलिस को अपनी स्थिति बताई। तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस ने वाहन में मौजूद आरोपियों को हिरासत में ले लिया।

एडिशनल एसपी कीर्तन राठौर के अनुसार प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध लगा लेकिन जब फूलबासन यादव ने खुद बताया कि उन्हें जबरदस्ती ले जाया जा रहा है, तब पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी को हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में सामने आया है कि इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड खुशबू साहू नाम की युवती है, जिसने योजना बनाकर अपने साथियों के साथ इस वारदात को अंजाम देने की कोशिश की।

फूलबासन यादव ने कहा कि उन्होंने खुद देखा कि पुलिस लगातार सड़क पर गाड़ियों की जांच कर रही थी और यही सतर्कता उनकी सुरक्षा का कारण बनी। उन्होंने एसपी, एएसपी, सीएसपी, डीएसपी समेत पूरी पुलिस टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अगर पुलिस समय पर सक्रिय नहीं होती, तो घटना गंभीर रूप ले सकती थी।

फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इस साजिश के पीछे की मंशा क्या थी।

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