चंडीगढ़। रोपड़ रेंज के निलंबित डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर से जुड़े रिश्वतकांड मामले में सुनवाई के दौरान सीबीआई कोर्ट ने मोहाली डीसी ऑफिस के रवैये पर कड़ा रुख अपनाया। कोर्ट ने पाया कि गिरफ्तारी वाले दिन की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के आदेश के बावजूद अब तक न तो फुटेज पेश की गई और न ही कम्प्लाइंस रिपोर्ट दाखिल हुई।

सीबीआई कोर्ट ने मोहाली डीसी ऑफिस को दूसरा रिमाइंडर जारी कर साफ कहा कि अगली सुनवाई तक आदेशों की पालना नहीं हुई तो डीसी ऑफिस का सुपरिंटेंडेंट खुद कोर्ट में पेश होकर देरी का कारण बताएगा। दरअसल, भुल्लर ने अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए कोर्ट में आवेदन दिया था कि जिस दिन गिरफ्तारी हुई, उस दिन मोहाली डीसी ऑफिस परिसर की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखी जाए। अदालत ने इस मांग को स्वीकार करते हुए संबंधित अधिकारियों को लिखित आदेश जारी किए थे। बावजूद इसके, आदेशों की लगातार अनदेखी होती रही। सोमवार को सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने फिर इस मुद्दे को उठाया, जिस पर कोर्ट ने सख्ती दिखाते हुए अंतिम चेतावनी दी।

इधर, सीबीआई की ओर से केस की रोजाना सुनवाई शुरू करने की अर्जी पर बहस नहीं हो सकी। बचाव पक्ष के वकील के आग्रह पर सुनवाई अब 6 मई तक टाल दी गई है। साथ ही भुल्लर ने बीएनएसएस की धारा 230 के तहत गैर-आश्रित दस्तावेज उपलब्ध कराने की नई अर्जी दाखिल की है, जबकि कथित बिचौलिए ने भी दस्तावेजों का न्यूनतम विवरण देने की मांग की है।