मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हरियाणा को बेसहारा गौवंश मुक्त बनाने के लिए गौ अभ्यारण्य और गौशालाओं के आधुनिकीकरण के साथ भारी बजट जारी किया है।

कृष्ण कुमार सैनी, चंडीगढ़। बेसहारा गौवंश को लेकर सैनी सरकार अब बड़े मिशन मोड में नजर आ रही है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ कहा है कि प्रदेश को सड़कों पर घूम रहे गौवंश से मुक्त करना सरकार की प्राथमिकता है, जिसके लिए कई बड़े कदम उठाए जा चुके हैं। सरकार ने पानीपत के नैन और हिसार के ढंढुर में दो बड़े गौ अभ्यारण्य तैयार किए हैं, जहां शैड, पानी और चारे की पूरी व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही गौशालाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार फंड जारी कर रही है। वित्त वर्ष 2025-26 में 51 गौशालाओं को शैड बनाने के लिए 10-10 लाख रुपये देने का प्रावधान किया गया है, जबकि 619 पंजीकृत गौशालाओं को 228 करोड़ रुपये से ज्यादा की चारा अनुदान राशि जारी की जा चुकी है। कुरुक्षेत्र के लाडवा में आयोजित कार्यक्रम में भी मुख्यमंत्री ने 11 गौशालाओं को 70 लाख रुपये से अधिक की राशि वितरित की।

सरकार अब गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर दे रही है। गोबर और गोमूत्र से फिनाइल, खाद, पेंट, दीया, धूप जैसे उत्पाद बनाने को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं सोलर ऊर्जा से चलने वाली गौशालाओं का दायरा भी बढ़ाया जा रहा है। इसके अलावा सड़कों से बेसहारा गौवंश को पकड़कर गौशालाओं में लाने पर आर्थिक प्रोत्साहन देने की योजना भी लागू की गई है।

सरकार के इन कदमों के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वाकई आने वाले समय में हरियाणा की सड़कों से बेसहारा गौवंश पूरी तरह गायब हो जाएगा, या ये योजना भी कागजों तक ही सीमित रह जाएगी। यही सवाल अब प्रदेशभर में चर्चा का विषय बन गया है