Bihar News: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने असम और बंगाल के विधानसभा चुनाव में आए नतीजों को लेकर चुनाव आयोग पर करारा हमला बोला है। पप्पू यादव ने सोशल मीडिया एक्स के माध्यम से पोस्ट करते हुए लिखा कि, असम-बंगाल में जनादेश नहीं ज्ञानादेश है। ज्ञानेश को उनके आका ने जो आदेश दिया, उसको उसने पूरा किया।

पप्पू यादव ने आगे लिखा कि, यदि देश में लोकतंत्र बचाना है, तो सबको सड़कों पर आना होगा। सांसद ने कहा कि, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और असम में महिलाओं को रुपए बांटकर BJP चुनाव जीत गई और बंगाल में TMC महिलाओं और युवाओं को रुपए बांटकर हार गई। है न गजब।

बाबा महाकालेश्वर की भस्म आरती में हुए शामिल

बता दें कि आज 6 मई को पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव ने बाबा महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (मध्य प्रदेश) में भस्म आरती में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने पूजा-अर्चना कर महाकाल से सभी को द्वेष और क्लेश से दूर रखने की कामना की। इस मौके पर पप्पू यादव ने कहा कि, सभी को आर्थिक और सामाजिक आजादी मिले। मैं संपूर्ण देश और बिहार के 14 करोड़ लोगों के कल्याण के लिए प्रार्थना करता हूं। हम सभी सच्चाई के रास्ते चलें और मालिक सभी का कल्याण करे।

….तो छोड़ दूंगा सेवा और संघर्ष

बता दें कि पश्चिम बंगाल चुनाव में मतदान होने के बाद 30 अप्रैल को पप्पू यादव ने एक्स पर सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से एक बड़ा दावा किया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि, “अगर बंगाल में बीजेपी जीत जाती है तो हम सेवा, मदद और इंसाफ के लिए संघर्ष छोड़ देंगे। वैसे मुझे पूरा भरोसा है कि बंगाल बीजेपी का पूरी तरह से सफाया कर दिया है।”

हालांकि जब चुनाव परिणाम आया तो उनका दावा उल्टा पड़ गया। टीएमसी को बुरी हार का सामना करना पड़ा। वहीं, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपनी सीट तक नहीं बचा पाई। ऐसे में पप्पू यादव द्वारा ममता की जीत को लेकर दिए गए बयान पर लोग सवाल उठाने लगे हैं। कई यूजर्स उनके कमेंट सेक्शन यह पूछ रहे हैं कि क्या वाकई पप्पू यादव अपने बयान पर कायम रहेंगे और सेवा व संघर्ष से दूरी बना लेंगे?

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