Rajasthan News: राजस्थान में सरकार ने पेपर लीक और धांधली के बाद आखिरकार SI भर्ती परीक्षा 2021 को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। अब यह परीक्षा नए सिरे से दोबारा कराई जाएगी। इसी बीच पेपर लीक मामले की जांच कर रही SOG (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने एक और बड़ा धमाका किया है। टीम ने राजस्थान रोडवेज के एक बड़े अफसर लोकेंद्र पण्डया को गिरफ्तार कर लिया है।

कोर्ट में पेशी के बाद आरोपी अफसर को 28 मई तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। जयपुर के पुलिस महकमे और सचिवालय के गलियारों में इस गिरफ्तारी के बाद से हड़कंप मचा हुआ है।

खुद की गाड़ी से जयपुर लाया था पेपर दिलाने

पकड़ा गया आरोपी लोकेंद्र पण्डया डूंगरपुर जिले के टामटीया का रहने वाला है और फिलहाल राजस्थान रोडवेज में डिपो मैनेजर के पद पर बैठा था। सूत्रों के मुताबिक, लोकेंद्र ने आरपीएससी (RPSC) के दागी सदस्य बाबूलाल कटारा से अपने भाई कुंदन पण्डया के जरिए लीक पेपर हासिल किया था।

हैरानी की बात यह है कि लोकेंद्र ने परीक्षा से पहले अपने बेटे नैतिक और बेटी नेहा को घर पर बैठाकर लीक पेपर रटवाया। इसके बाद वह खुद अपनी गाड़ी चलाकर दोनों को परीक्षा दिलाने जयपुर के सेंटर तक लेकर आया था।

लीक पेपर पढ़कर आए थे अच्छे नंबर

फर्जीवाड़े का खेल ऐसा था कि लीक पेपर पढ़ने की वजह से दोनों बच्चों ने परीक्षा में झंडे गाड़ दिए। बेटा नैतिक पण्डया हिंदी में 200 में से 143.43 नंबर और जीके में 147.20 नंबर लाया। वहीं बेटी नेहा पण्डया को हिंदी में 158.89 और जीके में 153.46 नंबर मिला।

इस सेटिंग के दम पर दोनों ने लिखित परीक्षा पास भी कर ली थी। SOG के एडीजी विशाल बंसल ने बताया कि इस पूरे खेल में बाबूलाल कटारा से प्रश्नपत्र खरीदे गए थे। आरोपी के बेटे और बेटी को SOG ने पहले ही 17 मई को दबोच लिया था, और अब इस जालसाज पिता की बारी थी।

अब तक 142 शिकारी आ चुके हैं गिरफ्त में

राजस्थान पुलिस और SOG इस पूरे रैकेट की जड़ तक पहुंचने में जुटी है। जयपुर से लेकर डूंगरपुर तक छापेमारी का दौर चल रहा है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस मामले में अब तक कुल 142 लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। परीक्षा रद्द होने के बाद अब उन ईमानदार उम्मीदवारों को थोड़ी राहत मिली है जो सालों से लाइब्रेरी में रात-दिन एक कर रहे थे।

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