सुपौल। बिहार में भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को आगे बढ़ाते हुए आर्थिक अपराध इकाई (EOW) ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार की अलसुबह EOW की टीम ने सुपौल के जिला अवर निबंधक (सब-रजिस्ट्रार) अमरेंद्र कुमार के विरुद्ध मोर्चा खोलते हुए उनके पटना, सुपौल और सारण स्थित चार विभिन्न ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह पूरी कार्रवाई आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के पुख्ता प्रमाण मिलने के बाद की गई है।

​आय से 65% अधिक संपत्ति का मामला

​अमरेंद्र कुमार पर आरोप है कि उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बड़े पैमाने पर अवैध संपत्ति अर्जित की है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, EOW द्वारा किए गए सत्यापन में यह पाया गया कि अधिकारी के पास उनकी वैध आय के स्रोतों से लगभग 65.08 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। आंकड़ों की बात करें तो प्रारंभिक जांच में यह राशि करीब 1 करोड़ 10 लाख 64 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। इसी आधार पर आर्थिक अपराध इकाई थाना में कांड संख्या-06/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

​चार शहरों में एक साथ ‘रेड’

​विशेष न्यायालय निगरानी, पटना से विधिवत तलाशी वारंट प्राप्त करने के बाद EOW के पुलिस उपाधीक्षकों के नेतृत्व में गठित टीमों ने कार्रवाई शुरू की। छापेमारी के दायरे में निम्नलिखित स्थान शामिल रहे:

  • ​पटना: आशियाना-दीघा रोड स्थित ‘राज अपार्टमेंट’ में उनका निजी फ्लैट।
  • ​छपरा (सारण): उनका पैतृक आवास।
  • ​सुपौल: सरकारी कार्यालय और उनका वर्तमान किराये का मकान।

​दस्तावेजों और निवेश की हो रही है छानबीन

​सुबह से जारी इस छापेमारी में EOW के अधिकारी अमरेंद्र कुमार और उनके परिजनों के नाम पर किए गए निवेशों की कुंडली खंगाल रहे हैं। अब तक की तलाशी में बैंक खातों के पासबुक, फिक्स्ड डिपॉजिट के कागजात, जमीन-मकान के डीड और कीमती गहनों से जुड़े दस्तावेज हाथ लगे हैं। टीम इस बात की बारीकी से जांच कर रही है कि भ्रष्टाचार की यह कमाई किन-किन क्षेत्रों में निवेश की गई है।

​भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप

​बिहार में हाल के महीनों में EOW ने भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सुपौल सब-रजिस्ट्रार पर हुई इस कार्रवाई ने निबंधन विभाग समेत प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संपत्ति के वास्तविक मूल्य और बरामदगी का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, अमरेंद्र कुमार के सभी ठिकानों पर सुरक्षा घेरे के बीच जांच जारी है।