भिवानी की काठमंडी कॉलोनी के निवासी पिछले एक साल से बिजली-पानी की भारी किल्लत और बदहाल सड़कों से परेशान हैं। प्रशासनिक अनदेखी से नाराज लोगों ने अब आगामी चुनावों में वोट न देने का मन बनाया है।

अजय सैनी, भिवानी। शहर की काठमंडी कॉलोनी में मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते स्थानीय निवासियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। कॉलोनी निवासी विपिन और अन्य नागरिकों ने बताया कि वे पिछले एक साल से बिजली की भारी किल्लत झेल रहे हैं। निवासियों की मुख्य शिकायत यह है कि उनकी कॉलोनी की बिजली लाइन शहर के बजाय गांव के फीडर से जुड़ी हुई है। इसके कारण शहर में बिजली होने के बावजूद उनकी कॉलोनी में 24-24 घंटे तक के लंबे कट लगते हैं। इस संबंध में कई बार एक्सईएन और जेई को शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ है।

प्रशासनिक अनदेखी और बदहाल सड़कें

कॉलोनी वासियों का गुस्सा उस समय फूट पड़ा जब पिछली रात 24 घंटे तक बिजली नहीं आई और विभाग के हेल्पलाइन नंबर या तो व्यस्त रहे या किसी ने फोन नहीं उठाया। मजबूर होकर लोग भारी संख्या में एक्सईएन की कोठी पर पहुंचे, जिसके बाद बिजली बहाल की जा सकी। बिजली के अलावा सड़कों की स्थिति भी दयनीय है। पिछले 10 दिनों से गली को उखाड़ कर छोड़ दिया गया है और निर्माण कार्य पूरी तरह बंद है, जिससे आवाजाही में भारी परेशानी हो रही है। लोगों का कहना है कि वे अपने पार्षद से भी मिल चुके हैं, लेकिन उन्हें केवल कोरे आश्वासन ही मिले हैं।

पानी की किल्लत और बीमारियों का खतरा

बिजली और सड़क के साथ-साथ कॉलोनी में पानी की भी भारी किल्लत है। स्थानीय महिलाओं ने बताया कि कई बार नलों में सीवरेज का गंदा और बदबूदार पानी आता है, जो पीने योग्य बिल्कुल नहीं है। मजबूरी में उन्हें महंगे दामों पर पानी के टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं। गंदगी और जलभराव के कारण पूरी कॉलोनी में मच्छरों का प्रकोप और बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ गया है। अधिकारियों के ढुलमुल रवैये से नाराज स्थानीय लोगों ने अब सरकार और प्रशासन को खुली चेतावनी दी है कि अगर उन्हें बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं, तो वे आने वाले समय में वोट का बहिष्कार करेंगे।

स्थानीय निवासियों की चेतावनी

स्थानीय निवासियों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें जायज हैं और वे केवल अपने अधिकारों की बात कर रहे हैं। विपिन और अन्य कॉलोनी वासियों के अनुसार, विभाग की लापरवाही ने उनके दैनिक जीवन को नर्क बना दिया है। रात-रात भर अंधेरे में रहने और गंदा पानी पीने को मजबूर लोग अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। कॉलोनी के लोगों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही उनकी सुध नहीं ली और गांव के फीडर से बिजली लाइन हटाकर शहर से नहीं जोड़ी, तो उनका विरोध प्रदर्शन और उग्र रूप धारण करेगा।