कुंदन कुमार/ पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज है। पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बड़े सियासी भव्य कार्यक्रम का गवाह बनने जा रहा है। एनडीए सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं, लेकिन इस भव्यता के बीच विपक्ष के तीखे हमलों ने सियासी पारे को और बढ़ा दिया है।

​गांधी मैदान में भव्य शपथ ग्रहण की तैयारी

​पटना के गांधी मैदान में कल होने वाला मंत्रिमंडल विस्तार केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि एनडीए का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और कई राज्यों के मुख्यमंत्री शिरकत करेंगे। प्रशासन की ओर से सुरक्षा और मेहमानों के स्वागत के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। मैदान को फूलों और झंडों से पाट दिया गया है, जो राज्य में एनडीए के बढ़ते प्रभाव को दर्शाने की कोशिश है।

​तेजस्वी यादव का तंज: “समझने में ही बीत जाएगा वक्त”

​एक तरफ जहां एनडीए उत्सव की तैयारी में है, वहीं नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार बने 6-7 महीने बीत चुके हैं और इस छोटे से अंतराल में बिहार ने दो मुख्यमंत्रियों को देख लिया है।
​तेजस्वी ने विकास की रफ्तार पर सवाल उठाते हुए कहा, साढ़े चार साल का कार्यकाल बचा है, जिसमें से डेढ़-दो साल तो नए मंत्रियों को अपना विभाग समझने में ही लग जाएंगे। ऐसे में बिहार का विकास कैसे होगा? उनका तर्क है कि बार-बार के बदलावों और देरी से मंत्रिमंडल विस्तार के कारण राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

​आवास विवाद पर दो टूक

​5 देश रत्न मार्ग स्थित तेजस्वी यादव के आवास को 1 अणे मार्ग (मुख्यमंत्री आवास) में अटैच करने की चर्चाओं पर भी उन्होंने बेबाकी से अपनी राय रखी। तेजस्वी ने कहा कि वर्तमान में उन्हीं की सरकार है, वे चाहें तो सारे बंगले मुख्यमंत्री आवास में मिला लें, इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने संकेत दिया कि सरकार का ध्यान जनहित के बजाय आवास और प्रतीकों की राजनीति पर अधिक है।