सीआईए धारूहेड़ा ने अवैध हथियार के साथ पकड़े गए आरोपी सोमबीर से पूछताछ के बाद 2018 में हुए रतनलाल हत्याकांड का खुलासा किया है। रंजिश के चलते हुई इस हत्या में शामिल अन्य साथियों की तलाश जारी है।

धनेश, रेवाड़ी। पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए लगभग आठ साल पुराने अंधे कत्ल (ब्लाइंड मर्डर) की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस अधीक्षक हेमेंद्र कुमार मीणा के कुशल नेतृत्व में सीआईए धारूहेड़ा की टीम ने अवैध हथियार के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जिसने पूछताछ के दौरान वर्ष 2018 में किए गए एक मर्डर का राज उगल दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी की पहचान गांव खुर्मपुर निवासी सोमबीर के रूप में की है। यह कार्रवाई सीआईए इंचार्ज निरीक्षक योगेश हुड्डा की टीम द्वारा गढ़ी बोलनी रोड पर दबिश के दौरान की गई, जहाँ आरोपी को एक देशी कट्टे और जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा गया था।

अवैध हथियार की पूछताछ में खुला हत्या का राज

बुधवार को डीएसपी बावल सुरेंद्र श्योराण ने कि 5 मई को सूचना मिली थी कि रेलवे पुल के नीचे एक व्यक्ति अवैध हथियार के साथ घूम रहा है। गिरफ्तारी के बाद जब सोमबीर से हथियार के स्रोत के बारे में सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने दिसंबर 2018 में अपने ही गांव के रतनलाल की हत्या करने की बात कबूल की। आरोपी ने बताया कि उसके दोस्त सुनील का गांव के ही एक व्यक्ति से जमीनी विवाद था। आरोपियों को शक था कि सुनील के घर के सामने रहने वाला रतनलाल उनके विरोधियों को सूचनाएं लीक करता है। इसी रंजिश के चलते सोमबीर, सुनील और मंजीत ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया था।

पुलिस रिमांड में होंगे अन्य साथियों के खुलासे

डीएसपी बावल ने बताया कि 26 दिसंबर 2018 की रात आरोपियों ने 45 वर्षीय सफाई कर्मचारी रतनलाल के घर में घुसकर उसके साथ मारपीट की और गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। अगले दिन रतनलाल का शव चारपाई पर मिला था, लेकिन तब यह मामला अनसुलझा रह गया था। अब पुलिस आरोपी सोमबीर को बावल थाने में दर्ज हत्या के पुराने मामले में शामिल तफ्तीश करेगी। पुलिस आरोपी का रिमांड हासिल कर उसके फरार साथियों—सुनील और मंजीत की गिरफ्तारी के प्रयास करेगी। साथ ही, अवैध हथियार की सप्लाई करने वाले नेटवर्क का पता लगाने के लिए भी गहन पूछताछ की जाएगी।

पुरानी रंजिश और मुखबिरी के शक में हुई थी हत्या

जांच में सामने आया है कि मृतक रतनलाल अपने परिवार में अकेला था। आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से रात के अंधेरे में इस वारदात को अंजाम दिया था ताकि किसी को भनक न लग सके। पुलिस के अनुसार, आरोपी सोमबीर पर पहले से ही आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है और अब हत्या की धाराओं के तहत भी कार्रवाई तेज कर दी गई है। जिला पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चला रही है, जिसके परिणामस्वरूप कई पुराने अनसुलझे मामलों की फाइलें दोबारा खुल रही हैं।