कालांवाली में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण सफाई व्यवस्था चरमरा गई है, जिससे शहर के मुख्य बाजारों और गलियों में गंदगी व कूड़े के ढेर लग गए हैं।

श्रवण प्रजापति, सिरसा। कालांवाली शहर में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आज सातवें दिन में प्रवेश कर गई है, जिसके कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। मुख्य बाजारों, गलियों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के बड़े-बड़े ढेर जमा हो गए हैं। आलम यह है कि लोगों के घरों और दुकानों के डस्टबिन पूरी तरह भर चुके हैं और अब नया कचरा फेंकने के लिए जगह नहीं बची है। गंदगी और सड़न के कारण उठ रही दुर्गंध ने शहरवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। पिछले एक सप्ताह से सफाई न होने के कारण नालियां जाम होने लगी हैं और आवारा पशु कूड़े के ढेरों पर मंडराते नजर आ रहे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।

व्यापार और जनजीवन पर गंदगी का बुरा असर

शहर के बाजारों में गंदगी के कारण व्यापारियों का काम भी प्रभावित हो रहा है। दुकानों के बाहर जमा कचरे से ग्राहकों की आवाजाही कम हो गई है, जिससे आर्थिक नुकसान की स्थिति बनी हुई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गर्मी के बढ़ते तापमान के साथ सड़ते कूड़े के कारण मच्छरों और मक्खियों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है, जिससे डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का डर सता रहा है। मजबूरी में लोग खाली प्लॉटों और सड़कों के किनारे कूड़ा फेंक रहे हैं, जिससे शहर की सुंदरता पर गहरा दाग लग रहा है। बुजुर्गों और छोटे बच्चों को इस दुर्गंध और प्रदूषित वातावरण में सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन फिलहाल इसका कोई समाधान नजर नहीं आ रहा है।

कर्मचारियों की मांगें और प्रशासन से अपील

हड़ताल पर बैठे सफाई कर्मचारियों का स्पष्ट कहना है कि वे लंबे समय से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिनमें वेतन वृद्धि, पक्का करना और सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना शामिल है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें केवल झूठे आश्वासन दिए गए हैं, जिसके कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा। नगर पार्षद मंगत नागर ने इस गंभीर स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को कर्मचारियों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करना चाहिए। उन्होंने प्रशासन से वैकल्पिक व्यवस्था करने और जल्द समाधान निकालने की अपील की है ताकि शहर को गंदगी से राहत मिल सके। सामाजिक और व्यापारिक संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द सफाई व्यवस्था बहाल नहीं हुई, तो वे प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करेंगे।

सरकार को सुननी चाहिए कर्मचारियों की बात: मंगत नागर

नगर पार्षद मंगत नागर ने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि पूरे प्रदेश में सफाई कर्मचारी हड़ताल पर हैं और इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी शहर को स्वच्छ रखने में रीढ़ की हड्डी की तरह होते हैं और उनकी मांगों को नजरअंदाज करना उचित नहीं है। सरकार को जल्द से जल्द उनके प्रतिनिधियों के साथ मेज पर बैठकर बातचीत करनी चाहिए ताकि हड़ताल समाप्त हो सके। फिलहाल, पूरा शहर प्रशासन और सरकार की ओर देख रहा है कि कब यह गतिरोध समाप्त होगा और कालांवाली की सड़कों से कूड़े के ढेर हटेंगे।