सोनू वर्मा, नूंह। जिले में फर्जी दाखिले कर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले और बिना मान्यता के संचालित निजी स्कूलों पर अब शिक्षा विभाग का शिकंजा कसने वाला है। जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि नियमों को ताक पर रखकर चल रहे स्कूलों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विभाग ने ऐसे स्कूलों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है जो बिना मान्यता के शिक्षा का कारोबार चला रहे हैं या रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर फर्जी दाखिले दिखा रहे हैं।

डीईओ ने कहा कि कई निजी स्कूल विभागीय नियमों की अनदेखी कर बच्चों के नाम पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और रिजल्ट बेहतर दिखाने के लिए फर्जी दाखिलों का खेल खेल रहे हैं। वहीं कुछ स्कूल बिना जरूरी अनुमति और मान्यता के ही संचालित पाए गए हैं। ऐसे संस्थानों के खिलाफ जल्द विशेष अभियान चलाकर जांच की जाएगी।सूत्रों के अनुसार विभाग की टीमें स्कूलों के रिकॉर्ड, विद्यार्थियों की वास्तविक उपस्थिति, भवन मानकों और मान्यता संबंधी दस्तावेजों की जांच करेंगी। जांच में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित स्कूलों के खिलाफ मान्यता रद्द करने, भारी जुर्माना लगाने और कानूनी कार्रवाई तक की तैयारी की जा रही है।जिला शिक्षा अधिकारी ने अभिभावकों से भी सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि बच्चे का दाखिला कराने से पहले स्कूल की मान्यता और विभागीय रिकॉर्ड की पूरी जानकारी जरूर लें।

उन्होंने कहा कि शिक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वालों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आज निजी स्कूल के संचालकों ने डीईओ राजेंद्र शर्मा को ज्ञापन दिया, ओर बिना परमिशन के निजी स्कूलो पर करवाही की मांग की। शिक्षा विभाग की इस सख्ती से जिले के उन निजी स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है जो लंबे समय से नियमों को दरकिनार कर मनमानी चला रहे थे।