नारनौल पुलिस ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर ₹14.26 लाख की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य पंकज को ग्वालियर से गिरफ्तार किया है। आरोपी पूर्व बैंकर है और उसके पास से 15 एटीएम व 11 चेकबुक बरामद हुए हैं।

गुलशन कुमार, महेंद्रगढ़। जिले के साइबर क्राइम थाना नारनौल पुलिस ने शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड आरोपी पंकज को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह पूरी कार्रवाई गांव झूक निवासी सुंदर कुमार की शिकायत पर शुरू हुई थी। पीड़ित ने बताया कि उसे व्हाट्सएप पर एक्सिस सिक्योरिटी के अधिकारियों के नाम से मैसेज आए थे, जिसके बाद ठगों ने एक फर्जी ऐप के जरिए उसे निवेश के लिए प्रेरित किया।

फर्जी ऐप पर दिखाया 33 करोड़ का मुनाफा

ठगों के झांसे में आकर पीड़ित सुंदर कुमार ने 22 दिसंबर 2025 से 11 मार्च 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 14,26,050 रुपये जमा करवा दिए। धोखाधड़ी का स्तर इतना बड़ा था कि पीड़ित के फर्जी ऐप में 33 करोड़ रुपये से अधिक का मुनाफा दर्शाया गया। जब पीड़ित ने इस राशि को निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने ‘टैक्स’ के नाम पर 10 प्रतिशत यानी लगभग 3.34 करोड़ रुपये की और मांग की। तब जाकर पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का अहसास हुआ और उसने साइबर थाना नारनौल में भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज करवाया।

पूर्व बैंकर निकला ठगी का मुख्य सूत्रधार

पुलिस की विस्तृत जांच में सामने आया कि ठगी गई राशि में से 6.33 लाख रुपये ग्वालियर स्थित केकेवीआर कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के खाते में भेजे गए थे। जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपी पंकज पूर्व में इंडसइंड बैंक, एक्सिस बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक में नौकरी कर चुका है। बैंकिंग प्रणाली की गहरी समझ होने के कारण उसने फर्जी दस्तावेजों और जाली हस्ताक्षरों के जरिए फर्जी कंपनियां रजिस्टर्ड करवाई थीं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 चेकबुक, 15 एटीएम कार्ड, 2 सिम कार्ड, 4 मोबाइल फोन और 2 मोहरें बरामद की हैं।

पूरे देश में फैला है ठगी का जाल

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी के बैंक खाते के खिलाफ पूरे देश में 8 अन्य शिकायतें लंबित हैं और दिल्ली में भी 96 लाख रुपये के फ्रॉड की एक एफआईआर दर्ज है। दिलचस्प बात यह है कि दिल्ली में ठगी का शिकार हुआ व्यक्ति नारनौल के शिकायतकर्ता का ही रिश्तेदार है। आरोपी को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके और अन्य पीड़ितों को राहत मिल सके।