Bihar Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल गुरुवार (7 मई) को पटना दौरे पर थे, जहां वे गांधी मैदान में हुए बिहार कैबिनेट विस्तार समारोह में शामिल हुए। मंत्रियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल से पहले उन्होंने पटना एयरपोर्ट से गांधी मैदान तक रोड शो किया। इस दौरान जगह-जगह पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया। शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हो गए। पीएम मोदी के इस दौरे को लेकर लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सवाल उठाया है।

तमाशा खड़ा कर चले गए- रोहिणी आचार्य

रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया एक्स पर एक लंबा चौड़ा पोस्ट करते हुए लिखा- मणिपुर और बंगाल को जलता छोड़ , ‘नीरो’ पटना आए और रोड शो का तमाशा खड़ा कर बिहार को निराश कर चले गए।

उन्होंने कहा कि, प्रधानमंत्री जी पटना आए, बेवजह रोड शो का बड़ा तमाशा खड़ा किया, बनी हुई सरकार के ही मंत्री – मंडल विस्तार के शपथ – ग्रहण के जलसे में शामिल हुए, जबरदस्त फोटो-शूट करवाया , राजधानी पटना की आम जनता के लिए घंटों सड़कें बंद करवा आम जनता को परेशानी में डाला और चले गए .. प्रधानमंत्री जी .. पूरा बिहार इस बात को लेकर भी हैरान है कि जिस मंत्री – मंडल विस्तार का शपथ ग्रहण लोक-भवन (राजभवन) में होना चाहिए था, उसके लिए गांधी मैदान में सरकारी कोष का पैसा जाया कर इतना बड़ा आयोजन करने की क्या जरूरत थी?

अपराध को लेकर पीएम पर साधा निशाना

रोहिणी आचार्य ने आगे लिखा- पूरा बिहार प्रधानमंत्री जी से उम्मीद लगाए बैठा था कि प्रधानमंत्री जी पटना के गर्ल्स हॉस्टल में बलात्कार के बाद मार डाली गयी युवती के परिजनों के आंसू पोछने जाएंगे, मामले में न्याय मिलने, आरोपियों के अब तक नहीं पकड़े जाने के बारे में कुछ बोलेंगे और न्याय दिलाने की दिशा में अपने स्तर से कोई गंभीर पहल करेंगे।

उन्होंने कहा कि, पूरे बिहार को इस बात की आस थी कि प्रधानमंत्री जी बिहार में बेलगाम हो चुके अपराध, लगभग रोज हो रही बलात्कार, लूट एवं हत्या की घटनाओं और सत्तापक्ष के बेलगाम हो चुके बाहुबली विधायकों पर भी कुछ बोलेंगे।

रोहणी को थी पीएम मोदी से यह उम्मीद

रोहिणी ने कहा- बिहार की मां-बहन-बेटियों के साथ-साथ बिहार की बेटी होने के नाते मुझे भी ये उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री जी महिलाओं के लिए असुरक्षित हो चुके बिहार को सुरक्षित बनाने के लिए कोई सख्त दिशा-निर्देश देंगे। मगर अफसोस इस संदर्भ में न तो प्रधानमंत्री जी कुछ बोले और ना ही प्रधानमंत्री जी के द्वारा कोई दिशा-निर्देश दिया गया। पूरे बिहार को इस बात की भी उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री जी बिहार में अपनी ही सरकार के संरक्षण में फल-फूल रहे भ्रष्टाचार के बोझ से दब कर ढहने वाली संरचनाओं, पुल- पुलिया के ध्वस्त होने पर भी अफ़सोस जताएंगे।

हर बार की तरह किया निराश- रोहिणी

रोहिणी ने लिखा- बिहार तो प्रधानमंत्री जी से उनके ही संरक्षण में भाजपा और एनडीए के अन्य दलों में जम कर फल-फूल रहे परिवारवाद पर भी सुनना चाहता था। प्रधानमंत्री जी… कहता है बिहार कि दूसरों पर परिवारवाद का आरोप मढ़ने से पहले , खुद के गिरेबान में भी झांक लिया करें आप। प्रधानमंत्री जी .. आप बिहार आए , सदैव स्वागत है आपका बिहार में , मगर अफ़सोस के साथ कहना पड़ रहा है कि हर बार की तरह इस बार भी आप बिहार को निराश कर वापस चले गए।

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