पटना। बिहार में शिक्षक बहाली के चौथे चरण (TRE-4) के विज्ञापन में हो रही देरी को लेकर अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे गया है। नई कैबिनेट के शपथ ग्रहण के अगले ही दिन, राजधानी पटना की सड़कों पर हजारों छात्र उतरने को तैयार हैं। छात्र नेता दिलीप कुमार के नेतृत्व में यह ‘महाआंदोलन’ पटना कॉलेज से शुरू होकर BPSC कार्यालय तक मार्च के रूप में आयोजित किया जा रहा है।
पटना कॉलेज से BPSC ऑफिस तक हुंकार
अभ्यर्थियों का यह आक्रोश मार्च पटना कॉलेज कैंपस से सुबह 11:30 बजे शुरू होगा। आंदोलनकारी छात्र अशोक राजपथ, भिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, खेतान मार्केट और गांधी मैदान जैसे प्रमुख इलाकों से होते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के कार्यालय तक पहुंचेंगे। अभ्यर्थियों की मांग स्पष्ट है: TRE-4 का आधिकारिक नोटिफिकेशन तत्काल जारी किया जाए।
वादाखिलाफी का आरोप: आश्वासन से बढ़ी नाराजगी
छात्र नेता दिलीप का आरोप है कि आयोग और शिक्षा विभाग पिछले दो वर्षों से केवल आश्वासन का खेल खेल रहे हैं। 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट के दौरान परीक्षा नियंत्रक ने दावा किया था कि विज्ञापन 3-4 दिनों में आ जाएगा और 25 अप्रैल से आवेदन शुरू हो जाएंगे। हालांकि, 8 मई बीत जाने के बाद भी कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है, जिससे करीब 13 लाख अभ्यर्थियों के भविष्य पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं।
नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के लिए ‘अग्निपरीक्षा’
बिहार सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद बीजेपी कोटे से मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की कमान सौंपी गई है। पदभार संभालते ही उनके सामने पहली सबसे बड़ी चुनौती इन लाखों युवाओं का असंतोष शांत करना है। छात्रों का कहना है कि सरकार को अपनी मंशा साफ करनी चाहिए और भर्ती प्रक्रिया में और विलंब नहीं करना चाहिए।
पदों का विवरण और संभावित परीक्षा कैलेंडर
TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर भर्ती की योजना है। शिक्षा विभाग ने इसके लिए अधियाचना फरवरी में ही भेजी थी, जिसे बाद में वार्षिक कैलेंडर का हिस्सा बनाया गया। संभावित कार्यक्रम के अनुसार:
- परीक्षा की तारीख: 22 से 27 सितंबर 2026
- परिणाम: नवंबर 2026
पहली बार लागू होगी ‘डोमिसाइल नीति’
इस बार की भर्ती कई मायनों में खास है। TRE-4 में पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जा रही है, जिससे बिहार के मूल निवासियों को प्राथमिकता मिलेगी। कक्षा 1 से 12 तक के शिक्षकों के अलावा SC-ST और पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के तहत प्रधानाध्यापक के पदों पर भी संयुक्त विज्ञापन जारी किया जाएगा।
बिहार में शिक्षक भर्ती का परिदृश्य
राज्य में वर्तमान में लगभग 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले तीन चरणों (TRE-1, 2 और 3) के जरिए 2.27 लाख शिक्षकों की नियुक्ति हो चुकी है। इसके अलावा 3 लाख नियोजित शिक्षक भी सक्षमता परीक्षा देकर राज्यकर्मी का दर्जा पा चुके हैं। अब सभी की नजरें TRE-4 के 46 हजार से अधिक पदों पर टिकी हैं।
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